संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। गढ़ीबीरबल गांव की पूर्व पंचायत के कार्यकाल में करीब 19.50 लाख रुपये की धनराशि गबन करने की शिकायत पर जांच की गई है। गुप्तचर विभाग पंचकूला व पुलिस अधीक्षक करनाल को भेजी गई शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जांच कर इस संदर्भ में सोमवार को इंद्री थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
सरकार को शिकायत मिली थी कि वर्ष 2019 में गांव गढ़ीबीरबल के श्मशान घाट की करीब एक किलोमीटर की सड़क शिव धाम नवीनीकरण योजना के तहत बनाने के लिए 19 लाख रुपये की ग्रांट ग्राम पंचायत को दी गई थी। जबकि यह सड़क मार्केट कमेटी की ओर से चंद्राव गांव तक बना दी गई थी। प्राप्त ग्रांट की राशि को ग्राम पंचायत व ग्राम सचिव ने मिलीभगत करके निकाल लिया और वापस ग्राम पंचायत के खाते में जमा नहीं कराया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने इस मामले की जांच की। शिवधाम नवीनीकरण योजना के अधीन मुख्यमंत्री की घोषणा के पश्चात कुल 20.07 लाख 600 रुपये की ग्रांट 13 जुलाई 2018 को ग्राम पंचायत के बैंक खाते में भेजी गई थी। उस समय ग्राम पंचायत की समय अवधि वर्ष 2015 से वर्ष 2019 के दौरान धर्मेंद्र सिंह बतौर ग्राम सचिव तैनात था। पंचायत ने 16 जुलाई 2018 को गलियां निर्माण, गेट निर्माण, पार्क निर्माण व अन्य कार्य करने के लिए प्रस्ताव पास कर पैसे खर्च करने का अधिकार सरपंच को दिया गया था। लबकरी गांव स्थित एक बिल्डिंग मेटीरियल दुकान से एक ही दिन में लाखों का सामान खरीदा गया। चेक पर सरपंच व ग्राम सचिव ने हस्ताक्षर किए थे। ग्राम सचिव ने उस निर्माण सामग्री का रजिस्टर में विवरण दर्ज नहीं किया। निर्माण सामग्री कहां लगी, इसका भी विवरण नहीं दिया। मौके पर कोई निर्माण सामग्री भी नहीं पाई गई। दूसरे प्रस्ताव में शमशान घाट के शेड के निर्माण के लिए खरीदी गई सामग्री। अलग-अलग फर्मों से बिल लिए गए। स्वागत गेट के बिल को तकनीकी अधिकारी से तसदीक नहीं कराया गया। कार्यवाही अनुबंध आधार पर भर्ती जेई धर्मेंद्र चौधरी ने भरी। ग्राम सचिव नवीन कुमार ने मस्ट्रोल व स्टॉक रजिस्टर पेश नहीं किया। एक कुटेशन फर्जी पाई गई है।
श्मशान घाट के शेड, स्वागत द्वार के लिए अवैध रूप से निकाले रुपये
जांचकर्ता ने स्पष्ट किया कि जेई धर्मेंद्र चौधरी, ग्राम सचिव नवीन कुमार व ग्राम पंचायत ने मिलीभगत से शिव धाम नवीनीकरण योजना के तहत प्राप्त ग्रांट राशि को संबंधित कार्य पर खर्च न करके अनाधिकृत रूप से ग्राम पंचायत के खाते से श्मशान घाट के शेड व दो स्वागत द्वार के लिए पैसे की निकासी करवाई। इस राशि को पूरा खर्च न करके गबन किया है। नवीन कुमार ने गबन छिपाने की नीयत से रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द किए गए हैं। पाया गया है कि 19.53 लाख 800 रुपये की ग्रांट राशि को अन्य कार्यों में खर्च दर्शा दिया। वर्ष 2015 से 2019 की समयावधि के दौरान निर्वाचित सरपंच बबलू का एक अगस्त 2021 को बीमारी के कारण निधन हो चुका है।
इन पर मामला दर्ज करने की अनुशंसा
जांच के बाद मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के निरीक्षक राजेंद्र कुमार की ओर से तत्कालीन ग्राम पंचायत, तत्कालीन ग्राम सचिव धर्मेंद्र सिंह, रमेश व नवीन कुमार, पैनल जेई धर्मेंद्र चौधरी व लबकरी गांव निवासी जियालाल पार्टनर शाकुंभरी बिल्डिंग मैटीरियल के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।