फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: साल भर में 8.5 करोड़ की बिजली सफाचट

विज्ञापन
विज्ञापन
- असंध बिजली चोरी में अव्वल, करनाल दूसरे पायदान पर
विज्ञापन

2516 लोगों पर दर्ज कराए गए केस
संजू कुमार
करनाल। बिजली चोरों ने बिजली निगम की नाक में दम कर रखा है। बीते साल भर में 8.5 करोड़ रुपये की बिजली सफाचट कर दी गई। असंध क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हुई। जहां बिजली चोरी के 715 मामले सामने आए जबकि दूसरे नंबर पर करनाल शहर है। जहां 707 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए।
डिवीजन सब अर्बन-2 में 614 केस सामने आए और तीसरे नंबर पर रहा जबकि चौथे नंबर डिवीजन सब अर्बन-1 रहां, जहां 480 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। साल दर साल कार्रवाई के बाद भी बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है।
विज्ञापन

बिजली विभाग के रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो बीते एक साल में बिजली चोरी के 2516 सामने आए हैं। इन पर साढ़े आठ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के साथ मुकदमा दर्ज किया गया है। बिजली निगम ने इसमें से सात करोड़ रुपये की रिकवरी भी की है। बिजली चोरी करने वालों में घरेलू कनेक्शन के साथ ही व्यावसायिक, औद्योगिक एवं कृषि के कनेक्शन हैं।
अप्रैल में ही 42 लाख रुपये की चोरी

अप्रैल की अगर बात की जाए तो जिले में 42 लाख रुपये की बिजली चोरी की गई है। जिस पर 170 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी करने के मामले थाने में दर्ज किए गए हैं। इन लोगों पर 42 लाख रुपये बिजली निगम ने जुर्माना लगाया। साथ ही 19.64 लाख रुपये की रिकवरी भी की गई। बाकी लोगों को रिकवरी के लिए नोटिस भी भेजें गए हैं। जिनसे रिकवरी होनी बाकी है। लोग बिजली चोरी का पैसा जमा नहीं करते तो प्रॉपर्टी सीज कर रिकवरी होगी।

बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। बिजली चोरी करने वालों पर जुर्माना के साथ रिकवरी की जा रही है। साथ उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है। जिले में बिजली चोरी को रोकने के लिए और भी सख्ती होगी।
- कशिक मान, एसई, बिजली निगम

एक हजार कनेक्शनों पर छापे, 105 की बिजली चोरी पकड़ी
- बिजली निगम की ओर से शनिवार को जिलेभर में 14 घंटे तक चलाया गया अभियान, पुलिस बल भी रहा साथ
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बिजली निगम की ओर से शनिवार को प्रदेशभर में बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया। करनाल में बिजली निगम की 25 से अधिक टीमों ने 14 घंटे तक लगातार छापे मारे। इस दौरान रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक व कृषि क्षेत्र के एक हजार कनेक्शनों की जांच की गई। जिसमें 10 प्रतिशत बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। यानी कार्रवाई के दौरान 1000 कनेक्शन की जांच पर 105 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पाया गया। इन पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बिजली निगम के सभी डिवीजनों में 25 टीमों ने शनिवार सुबह पांच बजे कार्रवाई शुरू की। सुबह-सुबह कार्रवाई शुरू करने का मकसद यह रहा कि रात के वक्त डाली गई कटिया को पकड़ा जा सके। इसके साथ ही सुबह लोग सो रहे थे, इस कारण उन्हें कटिया कनेक्शन हटाने का मौके नहीं मिले। असंध डिवीजन, करनाल सिटी डिवीजन, सब अर्बन-2 और सब अर्बन-1 डिवीजन पर सुबह पांच बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम सात बजे तक चली। पिछले वर्ष बिजली चोरी में असंध डिवीजन के अव्वल रहने की वजह से वहां पर बिजली निगम का पूरा फोकस रहा।
विज्ञापन

घरों, बाजारों में दुकानों, व्यावसायिक संस्थाओं, फैक्टरियों और खेतों में दिए गए मीटरों की जांच की गई। इस दौरान कटिया से बिजली चोरी करते पाया गया। मीटर के पहले ही तार जोड़कर बिजली चोरी करते पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान 1000 कनेक्शन की जांच पर 105 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पाया गया। इन पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर इन उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता कशिश मान ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए छापे की कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें