करनाल। प्रदेशभर के एजुसेट चौकीदार व मिड मील कर्मी लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें 10 माह के बजाय पूरे साल 12 माह वेतन दिया जाए व नियमित किया जाए। इससे पूर्व 11 दिसंबर को भी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता का समय लेने के लिए धरना देकर ज्ञापन सौंपा था। सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न आने पर अब ये कर्मचारी लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं। राज्य प्रधान मुकेश सन्दोल ने कहा कि यदि सरकार उन्हें वार्ता का समय नहीं देती है तो प्रदेशभर के 3788 एजुसेट चौकीदार 18 दिसंबर से लघु सचिवालय के बाहर 24 घंटे की अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
चौकीदारों का कहना है कि सरकार ने 11 नवंबर 2003 की विभागीय नीति अनुसार एजुसेट चौकीदारों को नियमित करने व विद्यालयों में कार्यरत मिड-डे मील कर्मियों को भी उनके सामान वेतन देने का वादा किया था। इस संदर्भ में सरकार को कई बार ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। राज्य प्रधान ने बताया कि प्रदेश में 3788 एजुसेट चौकीदार कार्यरत हैं, इनके अलावा 4900 के लगभग पार्ट टाइम चौकीदार हैं। इनके साथ-साथ प्रदेशभर में 28 हजार मिड-डे मील कर्मी भी कार्यरत हैं।
एजुसेट चौकीदारों का कहना है कि वह पिछले 15 व 20 वर्षों से प्रदेश के विद्यालयों में कार्यरत हैं और चौकीदार के काम के साथ-साथ, माली, स्वीपर व अन्य कार्य करते हैं। इसके बदले में उन्हें साल में केवल 10 माह का ही वेतन दिया जाता है वह भी समय पर नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि विद्यालयों में कार्य करते-करते अब उनकी उम्र निकल चुकी है, कई चौकीदार तो दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। अब वह कहीं और काम करने लायक नहीं रहे। इस दौरान संगठन मंत्री धर्मपाल, कोषाध्यक्ष जगदीश कुमार, करनाल के प्रधान बलकार सहित सैकड़ों एजुसेट चौकीदारों व मिड-डे मील कर्मियों ने प्रदर्शन किया।
यह हैं मुख्य मांगें
- विभागीय नीति 11 नवंबर 2003 के अंतर्गत एजुसेट चौकीदारों को लाकर नियमित किया जाए।
- मिड मील कर्मियों व एजुसेट चौकीदारों को साल के 10 माह के बजाय 12 माह का वेतन दिया जाए।
- मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की 14 हजार रुपये वेतन की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना जारी की जाए।
- एजुसेट चौकीदारों को सरकार की हरियाणा कौशल रोजगार योजना में न जोड़ा जाए।
- चौकीदारों की ड्यूटी का समय निर्धारण किया जाए, साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान किया जाए।
- चौकीदारों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष की जाए तथा पांच लाख रुपये दिए जाए।
- मिडे-डे मील कर्मियों व चौकीदारों को 2500 रुपए वर्दी भत्ता दिया जाए।