संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वतखोरी मामले में आरोपी डीटीपी, तहसीलदार के चालक को भले ही पांच माह बाद कोर्ट से जमानत मिल गई हो, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों अधिकारियों की बेनामी संपत्ति की जांच करेगा। इसको लेकर ईडी ने करनाल विजिलेंस अधिकारियों से संबंधित दस्तावेज लिए हैं। अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक और अवैध रूप से बनाई गई संपत्ति की जांच की जाएगी।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस ने करीब पांच महीने पहले करनाल के तत्कालीन डीटीपी विक्रम कुमार को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। तभी उसके चालक बलबीर सिंह को भी पांच हजार की रिश्वत के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान डीटीपी ने तहसीलदार राजबख्श को 14.5 लाख रुपये देने की बात कही थी। जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। रिमांड के दौरान डीटीपी के पास से 78 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद की गई। जांच के दौरान बताया गया था कि डीटीपी के पास करीब 10 करोड़ रुपए की संपत्ति है। अब तीनों आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जमानत के बाद इस केस को अब ईडी से टेकओवर कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई ईडी करेगी। जांच के लिए विजिलेंस से ईडी ने दोनों अधिकारियों के सभी दस्तावेज ले लिए हैं। अब दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को लेकर जांच की जाएगी।