सेक्टर 13 के बाजार में पतंग पसंद करते ग्राहक। संवाद
करनाल। मकर संक्रांति और वसंत पंचमी पर पतंगबाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजार में मांझे की नई किस्म आई है। इस बार एक पर्यावरण हितैशी यानी इकोफ्रेंडली मांझा बाजार में आया है। जो स्वदेशी उत्पाद है। इसकी खास बात ये है कि ये न तो पतंग उड़ाने वाले के हाथों को नुकसान पहुंचाएगा, न हवा में उड़ने वाले पक्षियों को। इससे पहले हर बार वसंत पंचमी के मौके पर चाइनीज मांझों की वजह से पतंग उड़ाते समय बच्चों के हाथ में चोट लगने का खतरा रहता था। चाइनीज मांझे में कांच का पाउडर मिला होने से पक्षियों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ये मांझा सूती धागे से तैयार किया जाता है जो बहुत सॉफ्ट होता है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता। दुकानदारों ने बाजार में इस बार मांझे की बेहतरीन किस्में मंगवाई है। दूसरी ओर अबकी बार शहर के बाजारों में पतंग के कारोबार में वसंत पंचमी से पहले ही 30 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। अब लोग चाइनीज मांझे न लेकर बच्चों के लिए सुरक्षा के लिहाज से और स्वदेशी मांझे अधिक खरीद रहे हैं।
बाजार में मिलने वाले मांझे
5 नंबर कॉटन मांझा : 150 से 200 रुपये
9 नंबर मांझा : 250 से 300 रुपये
12 नंबर मजबूत मांझा : 350 से 450 रुपये
बच्चों के लिए सेफ सॉफ्ट डोर : 100 से 180 रुपये