संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिविल अस्पताल में सोमवार को ई-उपचार सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। जिसके चलते अस्पताल में आए मरीजों व डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी परेशानी मरीजों को अपना पंजीकरण कराने में हुई। मरीजों को मैन्युअल स्लिप बनाकर देनी पड़ी। इस स्लिप पर सिर्फ मरीज का नाम, उम्र और पिता का नाम ही लिखा गया। मरीज को किस डॉक्टर के पास जाना है और किस कमरे में जाना है, यह नहीं लिखा गया। जिसके चलते मरीज ओपीडी में भटकते रहे। अधिकतर मरीजों को इलाज तक नहीं मिल पाया। सोमवार को पंजीकरण केंद्र से 2203 स्लिप काटी गई।
एक्सरे व लैब की रिपोर्ट नहीं मिल पाई
ई-उपचार की व्यवस्था बंद होने से एक्सरे सहित लैब की रिपोर्ट मिलने में भी परेशानी हुई। मरीजों ने एक्सरे की रिपोर्ट को अपने फोन में फोटो खींचकर डॉक्टरों को दिखाया। लैब में सिर्फ इमरजेंसी मरीजों के ही सैंपल लिए गए। जिससे अधिकतर मरीजों को लौटना पड़ा। ऐसी ही व्यवस्था सीटी स्कैन सेंटर और अल्ट्रासाउंड की भी रही। जहां सिर्फ इमरजेंसी केसों को ही सुविधा दी गई।
बिना रिपोर्ट के डॉक्टरों ने लिखी दवाएं
ई-उपचार बंद होने से डॉक्टरों के पास रखे गए कंप्यूटर भी बंद पड़े रहे। ऐसे में सोमवार को डॉक्टरों ने बिना रिपोर्ट देखे ही मरीजों द्वारा बताए गए मर्ज के हिसाब से ही दवा लिखकर दी।
ई-उपचार में रविवार को कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। जिसे ठीक करवाया जा रहा है। मंगलवार को ई-उपचार से सेवा सुचारू हो जाएगी।
- डॉ. रेणू चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल