कंसलटेंटो ने संभाली ओपीडी, कुछ मरीजों ने मेडिकल कॉलेज का किया रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिलेभर के डॉक्टर वीरवार को हड़ताल पर रहे। जिस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों लाइनों में खड़े नजर आए। हालांकि इस दौरान नागरिक अस्पताल व सीएचसी पर कंसलटेंट, दंत रोग विशेषज्ञ, एनएचएम के डॉक्टरों व आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने ओपीडी संभाली। अस्पताल में आने वाले मरीजों का चेकअप किया लेकिन मरीजों के ऑपरेशन नहीं हुए।
गायनी विभाग में महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। नागरिक अस्पताल में दो महिलाओं की ही स्टाफ नर्स ने डिलीवरी कराई। महिला रोग विशेषज्ञ न होने के कारण महिला मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं हड़ताल की सूचना पर आम दिनों से कम संख्या में मरीज अस्पताल में पहुंचे। पहले नागरिक अस्पताल में करीब दो हजार मरीजों की ओपीडी होती थी लेकिन हड़ताल के कारण करीब 1400 मरीज ही चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे। इतना ही नहीं नागरिक अस्पताल में पीएमओ डॉ. बलवान ने खुद ओपीडी संभाली और मरीजों का चेकअप किया। ग्रामीण क्षेत्र में सीएचसी पर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मेडिकल कॉलेज का किया रुख
डॉक्टरों की हड़ताल होने पर नागरिक अस्पताल में चेकअप कराने वाले मरीजों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज का रुख किया। मरीजों ने मेडिकल कॉलेज में जाकर इलाज कराया। कुछ मरीज ऐसे भी थे जो हड़ताल का पता चलने के बाद वापस घर चले गए तो कुछ मरीज अस्पताल ही नहीं आए। इस कारण मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की संख्या बड़ी है।
एनएचएम कर्मचारी चार दिन की हड़ताल पर
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों ने भी चार दिन की हड़ताल का एलान कर दिया है। शुक्रवार से वह भी हड़ताल पर हैं। जिले में करीब 700 अधिकारी व कर्मचारी हैं। उनकी मांग है कि एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाएं, जब तक नियमितीकरण की पॉलिसी बने तब तक उन्हें सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, एक्सग्रेसिया व अपील और सजा हरियाणा सिविल सेवा नियम के अनुसार प्रदान की जाए। इससे अलग अन्य मांगें हैं। हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
दो घंटे हड़ताल पर रहीं निर्सिंग अधिकारी
नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर स्टाफ नर्सों ने भी दो घंटे तक हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस दौरान आईपीडी, ट्रामा सेंटर, आईसीयू की सेवाएं प्रभावित रहीं।
ये हैं डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। डॉक्टरों के लिए पीजी कोटा। विशेषज्ञ के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
डॉक्टरों की हड़ताल थी लेकिन मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई है। कंसलटेंट, दंत रोग विशेषज्ञ, एनएचएम के डॉक्टरों व आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का चेकअप किया है। मरीजों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आई है। नागरिक अस्पताल में 1400 मरीजों का चेकअप किया गया है।
डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ करनाल