माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश के सभी चिकित्सकों को बिना किसी भेदभाव के प्राथमिक उपचार करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इसी तरह की कुछ मांगें लेकर सामाजिक चिकित्सक महासंघ से जुड़े चिकित्सकों ने लघु सचिवालय के सामने शनिवार से अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया है। चिकित्सकों ने सरकार पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सामाजिक चिकित्सक महासंघ से जुड़े चिकित्सक शनिवार की सुबह लघु सचिवालय के सामने पहुंचे और यहां पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुभाष सैनी ने कहा कि खासतौर पर हरियाणा के मेडिकल प्रेक्टिनशनर्स को प्राथमिक उपचार देने की अनुमति प्रदान करने की मांग को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा बार-बार गुमराह किए जाने से चिकित्सकों में रोष है।
सीएम फ्लाइंग की ओर से छापेमारी कर चिकित्सकों को गिरफ्तार किए जाने पर भी महासंघ ने आपत्ति जाहिर की है। 2004 से पारित स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार विधेयक में संशोधन करके प्रदेश के सभी चिकित्सकों को बिना भेदभाव के प्राथमिक उपचार करने की अनमुति दी जाए। चिकित्सकों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उन्हें वापस लिया जाए।
सीएम विंडो में आने वाली फर्जी शिकायतों को आधार बनाकर चिकित्सकों पर कार्रवाई करना अन्याय है। मामले की जांच करते समय चिकित्सक को भी नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाए। प्रदेश अध्यक्ष डा. सुरेश शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा जनता के लिए चिकित्सा की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में मेडिकल प्रेक्टिनशनर्स घर-घर जाकर बिना फीस लिए लोगों को प्राथमिक उपचार देते हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। महासंघ ने बड़े-बड़े अस्पतालों में बिना डिप्लोमा के कार्य कर रहे लोगों पर रोक लगाने की मांग भी की है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डा. श्रीचंद तंवर, डा. रामफल, डा. राज पोदिया, डा. रघुबीर, डा. रामदास, डा. विषणोदेव मेहता, डा. रिषीपाल, डा. मुकेश अंबानी मौजूद रहे।