माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात सेवा केंद्र में सोमवार को माउंट आबू ब्रह्माकुमारीज संस्था के मुख्यालय से राजयोगी भ्राता छोटेलाल पहुंचे। राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कहा कि अगर आप अपनी स्थिति को संपूर्ण बनाना चाहते हैं और पवित्रता में संपन्न बनना चाहते हैं और अपने लक्ष्य में परिपूर्ण होना चाहते हैं, सफल होना चाहते हैं, मन बुद्धि की एकाग्रता को बढ़ाना चाहते हैं तो हमें तीन अभ्यास करने होंगे।
भ्राता ब्रह्माकुमार विजय ने ओ आबू के फरिश्ते तुम से है प्यारा नाता कैसे ये दिल के रिश्ते ओ आबू के फरिश्ते गीत गाकर छोटे लाल भाई का स्वागत किया। सेवा केंद्र संचालिका व आर्ट एंड कल्चर विंग की राष्ट्रीय समन्वयक राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कहा कि पिछले 42 वर्षों से भ्राता छोटेलाल ब्रह्माकुमारी संस्था में समर्पित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। समय-समय पर ब्रह्माकुमारीज के अनेक विभागों में लग्न से सेवा करते आए हैं। उनके माता पिता, बहनें व पांच कन्याएं इस संस्था में समर्पित रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहला अभ्यास कि आज मुझे कम से कम सारे दिन में 50 लोगों को आत्मा रूप में देखना है। जैसी वृत्ति वैसी सृष्टि बनेगी। दूसरा सारे दिन में अशरीरी बनने का अभ्यास करना है। देहभान और देह अभिमान दोनों को खत्म करना है। भ्राता मेहरचंद ने कहा कि आत्मा के सातों गुण जो ज्ञान सूर्य परमात्मा से लेकर दूसरों को देने पर हम पवित्र बन जाएंगे। हम देने वाले देवता हैं, लेवता नहीं। हमें सातों गुणों को शोषित नहीं करना अपितु बांटना है। हरीश भाई ने भी सुंदर गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बीके शिविका, आरती, सारिका, काजल, संजना, कृष्ण गंभीर, उमा गंभीर, महीपाल मलिक, रामनिवास गर्ग, शाम सुंदर परूथी, ईश्वर सिंह रमन, केबी मल्होत्रा आदि शामिल रहे।