- हाबड़ी ब्रांच नहर में हाथ धोते समय फिसल गए थे दिल्ली के दो युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/निगदू। निगदू की नहर में डूबे दिल्ली के दो युवकों के शव गोताखोरों ने शनिवार सुबह 10 बजे खोज लिए, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में शवों को बाहर निकाला जाना था। परिजनों ने पुलिस को फोन किया मगर मौके पर नहीं पहुंची। करीब ढाई घंटे तक दोनों युवकों के शव नहर के किनारे रस्से से बंधे रहे। करीब 12:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीण भड़क गए और पुलिस का घेराव करते हुए हंगामा कर दिया। एक घंटे हंगामा करने के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दिल्ली निवासी रमेश और सुभाष ने बताया कि उनका पैतृक गांव बीड-बडालवा है। सुभाष की दिल्ली परिवहन विभाग में नौकरी लग गई थी। जिसके बाद वह परिवार के साथ दिल्ली में रहने लगा। वह अपने भाई रमेश को भी दिल्ली ले गया था। रमेश के दो बेटे सुनील और अमित व सुभाष के दो बेटे बॉबी और साहिल हैं। हर महीने उनके परिवार के लोग यहां प्रसाद चढ़ाने आते हैं। इस बार ये चारों प्रसाद चढ़ाने गए थे।
शुक्रवार दोपहर बाद दो बजे चारों हाबड़ी ब्रांच नहर पर टहलने गए थे। जहां नहर के पास हाथ धोते समय इनके पैर फिसल गए। इस दौरान लोगों ने अमित और साहिल को तो निकाल लिया मगर बॉबी और सुनील नहर में डूब गए। गोताखोरों ने युवकों की देर शाम तक तलाश की मगर जानकारी नहीं मिल सकी। शनिवार को गोताखोरों ने नहर में तलाशी अभियान चलाया। करीब 10 बजे शवों को ढूंढ लिया। गोताखोरों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि गोताखोरों से पुलिस ने शव को न निकालने की हिदायत दे दी। कहा कि जब तक वह एम्बुलेंस लेकर नहीं पहुंच जाते, तब तक शव बाहर नहीं निकाला जाए। इसके बाद गोताखोरों ने नहर के किनारे रस्सी से दोनों युवक के शव बांध दिए।
करनाल पोस्टमार्टम हाउस से एम्बुलेंस मंगाई थी। जिसको आने में देर हो गई। एम्बुलेंस को करनाल से निगदू आने में करीब एक घंटा लग जाता है। बाद में ग्रामीणों का सहयोग मिला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
- राजेश कुमार, एसएचओ निगदू