संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। पानीपत और करनाल के किन्नरों के बीच हुए विवाद में शुक्रवार को एक पक्ष के दर्जनों किन्नर थाने में पहुंचे। वहीं दूसरा पक्ष नहीं पहुंच सका। इससे विवाद के समाधान पर कोई बातचीत नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि दो सप्ताह पूर्व क्षेत्र के बयाना डेरे के कुछ किन्नर कुंजपुरा में बधाई मांगने आए थे। इसी दौरान जिला पानीपत डेरे के कुछ किन्नर भी कुंजपुरा बधाई मांगने आ गए। इस क्षेत्र को लेकर पहले से ही दोनों डेरों के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते बधाई मांगने आए बयाना डेरे के कुछ किन्नरों पर लाठी डंडों एवं अन्य हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया। इसमें बयाना डेरे के तीन किन्नर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी गाड़ी भी तहस-नहस कर दी गई थी।
घायल किन्नरों ने पानीपत डेरे के तीन किन्नरों को नामजद करते हुए पुलिस में शिकायत दे कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया। दोनों के बीच पनपा विवाद सुलझ नही पाया। इसके बाद दोनों पक्षों के किन्नरों ने जांच अधिकारी से 22 दिसंबर तक का समय लिया था। आज एक पक्ष के थाने में न पहुंचने से विवाद लटकता रह गया।
थाने में पहुंची इंद्री डेरे की महंत सोनिया किन्नर ने कहा कि बयाना डेरे के किन्नर उसके चेले हैं। उन्होंने किन्नर समाज की परंपरा अनुसार कस्बे कुंजपुरा में बधाई मांगने के लिए इनको अधिकृत किया है। सोनिया ने आरोप लगाया कि पानीपत के कुछ किन्नर 50 किलोमीटर दूर आकर कुंजपुरा में अपना कब्जा जमाना चाहते हैं।उन्होंने चेतावनी देते हैं कहा कि कुंजपुरा पहले से ही इंद्री डेरे के अधीन रहा है। लिहाजा बयाना डेरे के किन्नरों का ही यहां बधाई मांगने का हक बनता है।