करनाल। राजकीय कन्या महाविद्यालय पाढ़ा में वीरवार को फसल अवशेष प्रबंधन कमेटी ने पराली न जलाने के लिए व्याख्यान का आयोजन किया। डाॅ. दीपक कुमार ने छात्राओं को बताया कि धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल के लिए जल्दी तैयार करने के लिए पराली जलाना किसानों के आसान व सस्ता तरीका रहा है लेकिन इससे निकलने वाला धुआं प्रदूषण को बढ़ाता है। यह न केवल फेफड़ों और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ाता है बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया। सुदेश रानी और डाॅ. विजय आदि मौजूद रहे। संवाद