माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रक्षाबंधन पर बहनों को फ्री सफर का तोहफा एक अच्छा निर्णय है, लेकिन विभाग का खाली होता बसों का बेड़ा महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन गया। अपने भाई के घर जाने के लिए बहनें बसों में सवार होने के लिए दौड़ती नजर आईं, फिर भी बसों के ब्रेक नहीं लगे।
बसें रुकवाने के लिए रोडवेज व निजी बसों के कर्मचारी भी आपस में उलझते दिखाई दिए। कई मार्गों पर बस न मिलने पर महिलाएं नेशनल हाईवे के विभिन्न चौकों और अड्डे पर भटकती रहीं। देर होने पर मजबूरन कई लोगों को टैक्सी व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई बहनों को इंतजार भी करना पड़ा।
बसों में हालात ऐसे रहे कि भीड़ के कारण जो यात्री बस में सवार थे, उन्हें भी कई किलोमीटर खड़े होकर सफर करना पड़ा। त्योहार के कारण अन्य दिनों के मुकाबले बसों में महिला सवारियों की संख्या अधिक रही। दावा है कि रोडवेज डिपो की सभी 105 बसें ऑन रूट रहीं। बसों ने देर रात तक करीब 35 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। कुछ निजी बसों के मार्गों से गायब होने व टिकट काटने का भी आरोप है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई। भीड़ की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।
सीट के लिए आपस में उलझीं महिलाएं
महिलाओं को बसों में सीट के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई महिलाएं आपस में उलझती दिखीं। लोगों ने बसों की छतों पर बैठकर भी सफर किया। सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द होने के बावजूद स्टाफ और बसों की कमी खली। करनाल बस स्टैंड पर कई महिलाएं अपने नवजात शिशुओं को गोद में लिए धूप में बसों का इंतजार करती दिखी।
टैक्सी चालकों ने वसूला दो गुना किराया
भीड़ का फायदा उठा टैक्सी चालकों ने मनमर्जी किराया वसूला। अमूमन 200 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने लोगों से किराए के रूप में 400 रुपये तक वसूले। हाईवे से अंबाला व दिल्ली की तरफ दिनभर कई टैक्सी चलती हैं। रक्षाबंधन पर सरकार ने सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट बसों में भी महिलाओं को फ्री बस सेवा देने की घोषणा की थी। ऐसे में अधिकतर प्राइवेट बस संचालकों ने अपनी बसों को बंद रखा या फिर एक चक्कर मारकर उसे अलग-अलग जगह खड़ा कर दिया। जिससे तेल की बचत हो सके। शाम तक अलग-अलग काउंटर से मिली रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न बसों के करीब 30 टाइम मिस रहे।
30 बसें विशेष रूट बनाकर भेजीं
कुल 105 बसें मार्गों पर रहीं। 30 बसें रिजर्व रखी। जिस मार्ग पर ज्यादा भीड़ रही, वहां इन बसों को चलाया गया। रोडवेज की अधिकतर बसों में अपने फेरे बढ़ाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
- जयपाल, ड्यूटी इंस्पेक्टर
सामान्य से पांच हजार किमी. ज्यादा चलीं बसें
सामान्य दिनों में 105 बसें करीब तीस हजार किलोमीटर चलती हैं। रक्षाबंधन पर बस सेवा बढ़ाई गई। कई मार्गों पर बसों के ज्यादा चक्कर लगे। रिकॉर्ड के अनुसार दो दिन करीब पांच हजार किलोमीटर बसें अतिरिक्त चलीं।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
टाइम मिस करने वालों पर होगी कार्रवाई
ग्रामीण मार्गों और दोनों बस स्टैंड पर हमारी टीम ने बार-बार औचक निरीक्षण किया। निजी बसों में टिकट काटने को लेकर या कोई अन्य शिकायत नहीं मिली। जिन बसों के टाइम मिस रहे, उन्हें नोटिस जारी करके कार्रवाई करेंगे।
- सतीश जैन, सहायक सचिव आरटीए