संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भाद्रपद अमावस्या और शनि अमावस्या के अवसर पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान कर पितरों का श्राद्ध, तर्पण और दान किया। पूजा कर धार्मिक कार्यों के लिए कुशा को तोड़ा। माना जाता है कि कि भाद्रपद मास की अमावस्या को उखाड़ी गई कुशा साल भर काम आती है, इस कुशा से बनाया गया मोटक हर तरह की पूजा में बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन उखाड़ी गई कुशा को अपनी तिजोरी में रख सकते हैं और प्रत्येक शुभ कार्य में इसका प्रयोग किया जाता है। पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि कुशा के अग्रभाग में भगवान शंकर, मध्य में विष्णु और जद में ब्रह्मा का निवास माना गया है। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने शनि मंदिर, जीटी रोड के शनि मंदिर, राम नगर के शनि मंदिर में जाकर भगवान शनिदेव को तेल अर्पित किया और दीप दान किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गौशाला में जाकर गोवंश को गुड और चारा खिलाया।
108..... मूनक बाबा केसर कवंर मंदिर में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु। संवाद