- माता सीता की अयोध्या से विदाई का प्रसंग सुन हुए भावविभोर
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री महादेव मंदिर की ओर आयोजित श्री राम कथा में पांचवे दिन कथा व्यास विनोद शास्त्री ने वन गमन के दौरान माता सीता की विदाई का प्रसंग सुनाया तो सभी की आंखें नम हो गईं। वहीं इस दौरान गाए गए भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे।
उन्होंने कहा कि जब रानी कैकई अपनी दासी मंथरा के बहकावे में आ गई तो उन्हें दो वचन के रूप में अपने अधिकार याद आ गए। वे दो वचन उन्हें स्वयं अयोध्या नरेश राजा दशरथ ने दिए थे। कहते हैं कि जब देवराज इंद्र और असुरों के बीच युद्ध हो रहा था तो उस समय राजा दशरथ ने उनका साथ दिया था। इस युद्ध में राजा दशरथ घायल हो गए थे। इस दौरान रानी कैकई ने उनके प्राण बचाए थे।
तब राजा दशरथ ने रानी कैकई की वीरता से प्रसन्न होकर उनसे दो वर मांगने के लिए कहा था, लेकिन तब रानी कैकई ने उस समय कहा था कि वे समय आने पर दो वर मांग लेंगी। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी जोरों से चल रही थीं। परंतु राज्याभिषेक के एक दिन पहले ही रानी कैकई मंथरा के बहकावे में आ गई और उन्होंने कैकई से राजा दशरथ से वे दो वचन मांगने के लिए कहा। मंथरा के द्वारा उकसावे में आकर रानी कैकई ने तुरंत राजा दशरथ को बुलवाया और उन्हें उन दो वचनों की याद दिलाई और मांगने के लिए कहा।
राजा दशरथ से उन्होंने पहले वचन के रूप में अपने पुत्र भरत के लिए राज सिंहासन मांगा और दूसरे वचन में उन्होंने भगवान राम के लिए 14 वर्षों का वनवास। पिता के वचन का पालन करने के लिए प्रभु श्री राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण सहित 14 वर्षों के वनवास के लिए चले गए। पंडित विनोद शास्त्री ने कहा कि इस जगत में भगवान श्रीराम जैसा दूसरा चरित्र नहीं है। प्रभु श्रीराम की कथा सुनने मात्र से ही जीव के तमाम सांसारिक पाप नष्ट हो जाते हैं। इसलिए उन्हें पुरुषोत्तम राम कहा गया है।
संसार के प्रत्येक प्राणी को भगवान श्रीराम का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रीराम कथा सुनता है उसका उद्धार निश्चित है। रामचरित्र धर्म, शांति, पवित्रता, मोक्ष, सुख प्रदान करने वाला अलौकिक चरित्र है। इसे आत्मसात करने से मानव जीवन का कल्याण होता है। मुख्य यजमान के रूप में प्रवीण खुराना ने परिवार सहित शिरकत की।
मौके पर नवीन मित्तल ने बताया कि कथा का आयोजन 22 जनवरी तक किया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर दो से सायं पांच बजे तक रखा गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि कथा सुनकर धर्म लाभ उठाएं। भगवान श्री राम की कृपा के पात्र बने। इस अवसर पर प्रधान रणबीर रमन, उपप्रधान नीतिन दीवान, अजीत वर्मा, कपिल देशवाल, नरेश पांचाल, सचिन दीवान, नीरू पुंडीर, इंदिरा वर्मा, मुस्कान, सिमरण, सारिका गुप्ता व सुदेश राणा आदि मौजूद रहे।