ाई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा सरकार ने एक मुश्त समाधान योजना के तहत प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदार शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। वर्ष-2010-11 से लेकर 2021-22 तक यानी पिछले 12 वर्षों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) को एक मुश्त जमा करने पर ब्याज को शतप्रतिशत माफ कर दिया जाएगा। सिर्फ मूल कर ही भुगतान करना होगा। यह छूट 31 दिसंबर-2022 तक मिलेगी। एक हिदायत भी दी गई कि जो बकाएदार इस सुविधा की अनदेखी कर देरी से भुगतान करेंगे, उन पर प्रति माह डेढ़ प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा।
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि हरियाणा सरकार ने इस घोषणा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसे 15 सितंबर से लागू कर दिया गया है। संपत्ति कर बकायादारों के लिए ब्याज की छूट का लाभ प्राप्त करना एक सुनहरा मौका है। नगर निगम क्षेत्र के सभी संपत्ति कर बकायादारों से अपील है कि सरकार की इस घोषणा का भरपूर लाभ उठाएं और ब्याज की छूट के बाद जो भी संपत्ति कर देय बनता है, उसे नगर निगम के खजाने में जमा करवाएं। संपत्ति कर और निगम के अन्य स्रोतों से जो भी धनराशि इकट्ठी होती है, वह शहर के विकास कार्यों पर ही खर्च कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर की अदायगी करना नागरिकों का कर्तव्य भी है।
निगम के खजाने में करीब 1.35 करोड़ रुपये हुए जमा
नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सभी संपत्ति धारकों की नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने की प्रक्रिया के चलते अब तक निगम के खजाने में करीब 1.35 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जैसे ही संपत्ति कर नोटिस/बिलों का वितरण शुरू होगा, संपत्ति कर कलेक्शन में स्वाभाविक रूप से तेजी आएगी। सरकार की ओर से समस्त बकाया राशि को एकमुश्त जमा करवाने पर समस्त ब्याज का लाभ दिए जाने की घोषणा की गई है। इससे भी संपत्ति कर की रिकवरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की संभावना है। इसके लिए यूएलबीएचआरवाईएनडीसी डॉट कॉम साइट पर जाकर क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई आईडी के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सकते हैं।