संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के हर घर में दस्तक देकर स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगा। इसका लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चलाएगा। वहीं इसके लिए विभाग ने 85 टीमों का गठन किया है। टीमें एक से 14 सितंबर तक जिले के 33 हजार 220 घरों में रहने वाली एक लाख 66 हजार 600 जनसंख्या से कुष्ठ रोग के लक्षणों के बारे में सवाल-जवाब करेंगी।
अभियान के दौरान जहां कहीं भी कुष्ठ रोग से संबंधित लक्षणों वाले मरीज मिलेंगे। उनका स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मान से निशुल्क इलाज शुरू करवाया जाएगा। उपसिविल सर्जन डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 85 टीमों का गठन किया गया है। इसमें एक आशा व एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल किया गया यानी 85 टीमों में 170 सदस्य रहेंगे।
इसके अलावा टीमों पर सुपरविजन रखने के लिए 17 सुपरवाइजर रखे गए हैं यानी एक सुपरवाइजर पर पांच टीमों का कार्यभार रहेगा। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजरों को भी प्रतिदिन की रिपोर्ट टीमों से एकत्रित कर विभाग को सौंपनी होगी। बता दें कि इसको लेकर शहर के स्वास्थ्य केंद्रों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की ट्रेनिंग भी ली जा चुकी है।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद कमल ने बताया कि एक से 14 सितंबर तक जिले के अर्बन ब्लॉक सीएचसी घरौंडा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, यूपीएचसी रामनगर, यूपीएससी शिव कॉलोनी, यूपीएससी इंद्रा कॉलोनी, यूपीएचसी धोबी मोहल्ला, यूपीएससी सेक्टर-13, यूपीएचसी सेक्टर-छह, यूपीएससी बसंत विहार कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत संवेदनशील स्थानों जैसे झुग्गी, बस्ती ,फैक्टरी, मिल, मंडी, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, कंस्ट्रक्शन साइट्स, ढाबों व घर-घर जाकर कुष्ठ संभावित व्यक्तियों की खोज करेंगे।
यह है लक्षण
पैरामेडिकल स्टाफ वंदना आर्य ने बताया कि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। यह सांस के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसमें शरीर पर लाल चकते, कानों पर और शरीर पर गांठें है, हाथों पैरों की नसों में झनझनाहट, हाथों पैरों की त्वचा में सुन्नपन व हाथों पैरों में घाव इसके लक्षण हैं। वर्तमान में जिला कुष्ठ रोग केंद्र में कुल 23 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है।