फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: शहर में डेंगू का दंश, मशीनें पड़ीं बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। शहर डेंगू का दंश झेल रहा है, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी चिंतित हैं लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग आपसी मतभेदों में उलझा हुआ है। आलम ये है कि शहर में फॉगिंग पूरी तरह से बंद है। निगम की ओर से खरीदी गईं फॉगिंग मशीनें डिब्बों में पैक हैं। इसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में लगातार डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।
नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च करके कुल 21 फॉगिंग मशीनें खरीदी हैं। छह मशीनें पहले से ही थी, 15 मशीनों को इसी साल खरीदा गया है। शहर में कुल 20 वार्ड हैं। सभी वार्डो के लिए एक-एक फॉगिंग मशीन उपलब्ध है, एक मशीन रिजर्व भी है। इसके बाद भी शहर में फॉगिंग बंद है।
विज्ञापन

बताते है कि गर्मियां शुरू होने पर करीब डेढ़ महीने पहले नगर निगम ने फॉगिंग शुरू कराई थी लेकिन सिर्फ वार्ड एक, 19 व 20 में एक दिन फॉगिंग कराकर बंद कर दी गई है। निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा का कहना है कि फॉगिंग को डिप्टी सीएमओ डॉ. अनु शर्मा के आदेश पर बंद किया गया है, उनका कहना है कि फॉगिंग सिर्फ वहीं 100 मीटर के दायरे में घरों के अंदर होगी, जहां डेंगू के केस निकलेंगे। इस कारण फॉगिंग बंद कर दी गई है।
वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. अनु शर्मा कहती हैं कि जहां केस निकले, वहां 100 मीटर के दायरे में आने वाले घरों में फॉगिंग कराने की गाइड लाइन सरकार की है, वहीं उन्हें भेजी गई है। मच्छरों का लारवा रोकने के लिए और डेंगू को फैलने से रोकने के लिए घरों के बाहर यानी गलियों आदि में नगर निगम अपनी ओर से फॉगिंग कराने के लिए स्वतंत्र है।
उन्होेंने कहा कि दवा स्वास्थ्य विभाग से चाहिए तो प्रस्ताव बनाकर दें, जिस पर सरकार से अनुमति के बाद स्वास्थ्य विभाग निगम को दवाएं उपलब्ध करा देगा। लारवा रोकने या फॉगिंग के लिए दवाओं का इंतजाम नगर निगम स्वयं भी कर सकता है, इस पर कोई पाबंदी नहीं है। पिछले दिनों महापौर रेणू बाला गुप्ता ने फॉगिंग कराने के निर्देश दिए थे। इस पर निगम के अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के आदेशों का हवाला देकर फॉगिंग को शुरू नहीं कराया था।
कहां फैलता है डेंगू

डिप्टी सीएमओ डॉ. अनु शर्मा बताती हैं कि मच्छर रास्ते में चलने फिरने के दौरान नहीं काटता है। तभी काटता है, जब व्यक्ति कहीं बैठा हो, सो रहा हो। ऐसा घरों के अंदर ही होता है। स्वास्थ्य विभाग घरों के अंदर ही फॉगिंग कराता है, ताकि वहां मौजूद डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर खत्म हो जाएं। लेकिन फॉगिंग सिर्फ तत्कालिक राहत ही देती है। दूसरे दिन इसका कोई असर नहीं रह जाता है। घरों के बाहर जापानी बुखार हो सकता है लेकिन वह करनाल में पूरी तरह नियंत्रण में है।
फॉगिंग कहां जरूरी
डिप्टी सीएमओ डॉ. अनु शर्मा का कहना है कि फॉगिंग का कोई खास फायदा नहीं होता है, क्योंकि फॉगिंग से सिर्फ उसी दिन पैदा हुए, संबंधित क्षेत्र में मच्छर ही मरते हैं, धुआं का असर खत्म होते ही नए मच्छर वहां आ जाते हैं। इसलिए ये केस निकलने पर आपात स्थिति में ही कराई जाती है, ताकि संबंधित घर के अंदर डेंगू फैलाने वाले मच्छर खत्म हो जाएं। अब किसी भी घर या गली में रोजाना फॉगिंग कराना संभव नहीं हो पाता है। एक दो बार की कोई बात नहीं लेकिन यदि लगातार फॉगिंग कराई जाए तो उसके दुष्परिणाम में सामने आते हैं, क्योंकि फॉगिंग में धुआं बनाने के लिए डीजल का प्रयोग होता है, जो श्वांस, खांसी के मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित होता। इसके लिए मच्छरों के लारवा को खत्म किया जाना चाहिए। निगम को साफ और ठहरे पानी में दवाई और नालियों आदि में काला तेल डालना चाहिए।

नगर निगम के पास हर वार्ड के लिए फॉगिंग मशीन उपलब्ध हैं। शहर में फॉगिंग शुरू कराई थी, लेकिन डिप्टी सीएमओ डॉ. अनु शर्मा के आदेश पर बंद करा दी गई है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ उसी क्षेत्र के लिए दवाई उपलब्ध कराने की बात कही, जहां डेंगू के केस निकल रहे हैं। मशीनें भी हैं, कर्मचारी भी हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आदेश व दवाई नहीं है। - सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम करनाल।
विज्ञापन


मैंने निगम को शहर में यानी घरों के बाहर गलियों आदि में फॉगिंग करने से मना नहीं किया है, निगम को सिर्फ सरकार की गाइड लाइनें भेजी हैं, जो सिर्फ उन क्षेत्रों के लिए हैं, जहां डेंगू के केस निकल रहे हैं। निगम को शहर में सामान्य तौर पर फॉगिंग कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से दवाई चाहिए तो निगम प्रस्ताव दें, सरकार से अनुमति लेकर दवाई उपलब्ध करा दी जाएगी। निगम के साथ दो बार बैठकें भी की हैं लेकिन शायद निगम के अधिकारियों को उनकी मंशा सही तरीके से समझ में नहीं आई। शीघ्र ही तीसरी बार बैठक करके समझाने का प्रयास करेंगी। - डॉ. अनु शर्मा, डिप्टी सीएमओ करनाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें