माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से करीब 93 करोड़ रुपये से शहर के अंदर एक टी-फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया है, लेकिन एक ओवरब्रिज की सबसे अधिक आवश्यकता शहर के औद्योगिक क्षेत्र को भी है, जो शहर से गुजरते नेशनल हाईवे-44 पर बनना चाहिए। जिसकी मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि यहां ओवरब्रिज बनता है तो सबसे बड़ा फायदा यहां की करीब 1500 करोड़ के टर्नओवर वाली कृषि यंत्र इंडस्ट्री और करीब एक हजार करोड़ रुपये टर्नओवर वाली फार्मा इंडस्ट्री को तो मिलेगा ही, इंद्री क्षेत्र से आने वाले उन हजारों किसानों को भी मिलेगा जो धान या गेहूं के सीजन में अपनी फसल कृषि अनाज मंडी में लेकर आते हैं।
दूसरा बड़ा फायदा सेक्टर-4, अंदर की ओर से आने वाले शहरवासियों को मिलेगा, जिन्हें हाईवे के उस पार जाने के लिए करीब आधा से एक किमी तक उलटी दिशा में चलकर आना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। हर रोज हजारों वाहनों में ईंधन का व्यय तो होता ही, लोगों का अनावश्यक समय भी खर्च होता है।
शहर का सेक्टर-3, तीन एक्सटेंशन इंडस्ट्रियल एरिया है, जो हाईवे की एक तरफ है, जबकि सेक्टर-4 और 37 हाईवे के दूसरी ओर हैं। सेक्टर-37 में भी एचएसआईआईडीसी की ओर से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। सेक्टर-3 इंडस्ट्रियल एरिया के सामने हाईवे बंद है, जबकि इसके ठीक सामने हाईवे को पार करके जो रास्ता हैरिटेज लॉन तक जाता है, वह रास्ता सेक्टर-4, 37 के बीच से ट्रांसपोर्ट नगर सहित कई सेक्टरों से होते हुए इंद्री रोड से जाकर मिलता है। यदि यहां ओवरब्रिज बनता है तो दोनों इंडस्ट्रियल क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे, सेक्टर चार से आने वाला रोड सीधे औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा। जिससे शहर की फार्मा व कृषि यंत्र इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा।
उलटी दिशा में चलकर आते हैं वाहन
इंडस्ट्रियल एरिया से दूसरी ओर से हाईवे के पार सेक्टर-4 या 37 जाने का कोई सीधा रास्ता नहीं है। र्हाईवे पर भी यहां चढ़ने या उतरने की व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि वाहनों को सर्विस लेन के जरिये करीब आधा किमी दूर जाकर ओवरब्रिज के अंदर दूसरी ओर जाना पड़ता है, फिर वहीं से सर्विस लेन पर उलटी साइड चलकर हैरिटेज लॉन से आने वाली सड़क पर आना पड़ता है। जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। इसमें लोगों का समय व धन दोनों ही अनावश्यक व्यय होता है।
शहर में बड़ी फार्मा और कृषि यंत्र इंडस्ट्री है। सेक्टर-3 में एक तरफ पहले से ही इंडस्ट्रियल एरिया है, अब हाईवे के दूसरी ओर सेक्टर-37 में इंडस्ट्रियल एरिया के सेकेंड फेज एचएसआईआईडी द्वारा विकसित किया जा रहा है, दोनों में इंटर कनेक्टिविटी के लिए यहां पर नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज का बनना बेहद आवश्यक है। इससे लोगों को बड़ा फायदा होगा।
- सुखबीर सिंह गिल, सेवानिवृत्त एसडीओ, एचएसवीपी करनाल
सेक्टर-3 व 37 में कनेक्टिविटी तो होनी चाहिए, यदि यहां ओवरब्रिज बनता है, दोनों औद्योगिक क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे। किसानों व शहर के लोगों को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा। हाईवे अथॉरिटी, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम व जिला प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। इंडस्ट्रियल एरिया के पास ओवरब्रिज बनने से इंडस्ट्री को फायदा पहुंचेगा। ओवरब्रिज में कोई दिक्कत आए तो इसकी वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है।
- रविंद्र ढल, प्रधान, करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन