कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के फेज-2 के अंतर्गत अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें सभी ऑटोमेटिक मशीनें रखी जाएंगी। जिससे सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज और उनका जीवन बचाया जा सकेगा। मरीजों की सर्जरी के लिए ओटी की व्यवस्था होगी। अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर की टीम भी अलग होगी। टीम में न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सकों की टीम होगी जो अलर्ट रहेगी। अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर 150 बेड का बनाया जाएगा। इसके अलावा 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनने के बाद हाॅल में ही चल रही इमरजेंसी का बोझ कम हो जाएगा, क्योंकि सड़क हादसों में घायलों को फिलहाल इमरजेंसी में भेजा जा रहा है। जिससे इमरजेंसी में दाखिल अन्य मरीजों को सुविधा देने में कुछ देरी हो रही है। इसके अलावा इमरजेंसी से पीजीआई रेफर होने के मामलों में कमी आएगी।
मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में सिंगल बेसमेंट पार्किंग की सुविधा मिलेगी। जिससे भूतल पर गेट या अन्य परिसर में वाहन नहीं खड़े किए जा सकेंगे। जिससे ट्रामा सेंटर में आने वाली एंबुलेंस या मरीजों को लेकर आने वाले वाहनों को रास्ता मिल सकेगा। चूंकि अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी के बाहर गलत तरीके से वाहन खड़े होने के कारण एंबुलेंस के आने-जाने में परेशानी होती है। जिसको देखते हुए यहां पर बेसमेंट पार्किंग रखी जाएगी।
बेसमेंट सहित पांच मंजिला ट्रामा सेंटर कम अस्पताल भवन, परीक्षा हॉल व स्किल लैब, सिंगल बेसमेंट पार्किंग, आठ मंजिला ब्वाॅयज हॉस्टल, आठ मंजिला गर्ल्स हॉस्टल, आठ मंजिला प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला एसोसिएट प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला असिस्टेंट प्रोफेसर क्वार्टर, एक मंजिला क्लब हाउस/ कम्यूनिटी सेंटर, एक मंजिला स्पोर्ट्स फैकल्टी, एनिमल हाउस, बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, वर्कशॉप, एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट), ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट)।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के फेज-2 के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। तीनों बार रद् हो चुकी हैं। जिसके बाद प्रदेश सरकार को दो सुझाव भेजे गए हैं। जिसका जवाब आने के बाद ही आगामी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।