फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: डिलीवरी के दौरान मां और नवजात की मौत

विज्ञापन
डिलीवरी के दौरान मां और नवजात की मौत
विज्ञापन
- परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप, नोकझोंक
विज्ञापन

- गत फरवरी महीने में हुई थी महिला की शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। धनवंतरि अस्पताल में डिलीवरी के दौरान मां और नवजात की मौत हो गई। जिससे परिजन भड़क गए और अस्पताल प्रबंधक के बीच नोकझोंक भी हुई। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी सामान्य हो गई थी, जिसके बाद डॉक्टर ने महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।
मृतक विवाहिता के पति विक्की निवासी चौचड़ा ने बताया कि उसकी शादी बीती एक फरवरी को गांव पिचौलिया निवासी काजल (20) के साथ हुई थी। मंगलवार शाम उसकी पत्नी कजल को प्रसव पीड़ा हुई। जिसके बाद वह उसे असंध के निजी अस्पताल में लेकर गया। जहां पर मौजूद स्टाफ ने कहा कि उसकी पत्नी को प्रसव का दर्द है। उसकी यहीं पर सामान्य डिलीवरी करवा देंगे।
विज्ञापन

पति ने बताया कि उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए मंगलवार रात साढ़े नौ बजे अस्पताल में भर्ती कर लिया था। इस दौरान उसने स्टाफ से कई बार पूछा कि कौन डॉक्टर इसका इलाज कर रहा है। उन्होंने बताया कि पानीपत से बड़ी डॉक्टर आ रही है, जो डिलीवरी करवाएगी। बुधवार सुबह उसकी पत्नी की डिलीवरी हुई मगर नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि बाद में डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद काजल की तबियत और बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने कहा कि उसे दौरा पड़ा है। इसके बाद उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया।
मामले की कर रहे जांच

असंध थाना प्रभारी मनोज वर्मा ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही व गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

उपचार में नहीं बरती लापरवाही : डॉ. प्रमोद
धनवंतरि अस्पताल के संचालक डॉ. प्रमोद ने बताया कि प्रसव के दौरान सभी तरह की सावधानियां बरती गई थी। सामान्य डिलीवरी के दौरान मां और नवजात को बचाने का पूरा प्रयास किया गया था। परिजन डॉक्टर पर गलत आरोप लगा रहे हैं। जबकि उपचार के दौरान बिल्कुल लापरवाही नहीं बरती गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें