- तीन करोड़ शहरी और 6.21 करोड़ रुपये ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाएंगे खर्च
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नए वित्त वर्ष के लिए डी-प्लान का बजट जारी हो चुका है। इस बार जिले को 11.87 करोड़ रुपये मिले हैं। ये पैसा 31 मार्च से पहले जिले में होने वाले छोटे विकास कार्यों पर खर्च होगा। सोमवार को जिला परिषद के सभागार में जिला विकास एवं निगरानी कमेटी (डीडीएमसी) की बैठक हुई। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में डेवलेपमेंट प्लान के बजट को लेकर एजेंडा पेश किया गया। जिसके तहत तीन करोड़ रुपये शहरी और 6.21 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाएंगे।
बैठक में एजेंडा पेश करते हुए अतिरिक्त जिला उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि डी-प्लान के 11.87 करोड़ रुपये के बजट में से 2.57 करोड़ रुपये से पिछले वर्ष के कार्य पूरे किए जाएंगे। जबकि 9.29 करोड़ रुपये में नए विकास कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने डी-प्लान के तहत पिछले वर्ष पूरे हुए 251 कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि डेवलेपमेंट प्लान के पैसे का समय पर सहीं इस्तेमाल होना चाहिए।
इस बजट से ज्यादा से ज्यादा विकास कार्यों को करवाने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेंडर समय पर लगाए जाएं। कहीं भी टेंडर समय पर न लगने की लापरवाही की वजह से बजट लैप्स नहीं होना चाहिए। इस बजट से जो कार्य आवश्यक हैं, उन्हें प्राथमिकता पर रखकर जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए।
इस अवसर पर घरौंडा विधायक हरविन्द्र कल्याण, विधायक रामकुमार कश्यप, मेयर रेनू बाला गुप्ता, जिला परिषद चेयरमैन के प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, एसडीएम अनुभव मेहता, एसडीएम अदिति, एसडीएम मनदीप कुमार, सीटीएम अमन कुमार, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, परियोजना अधिकारी राजेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
रिजर्व सूची तैयार करके काम में लाएंगे तेजी
उपायुक्त अनीश यादव ने बैठक के दौरान कहा कि डेवलेपमेंट प्लान के लिए इस वर्ष विकास कार्यों की रिजर्व सूची तैयार की जाएगी। इससे यदि कोई प्रोजेक्ट तकनीकी कारणों से रद्द किया जाता है तो रिजर्व सूची में से अन्य प्रोजेक्ट को ले लिया जाएगा। इससे तेजी से विकास कार्य किए जा सकेंगे और बजट भी लैप्स नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद डी-प्लान के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।