- परीक्षा खत्म होने के बाद बिगड़ी व्यवस्था, खिड़की तो किसी ने गेट पर लटकर किया सफर
- जाम लगने से बढ़ी परेशानी, महिलाओं और बुजुर्गों ने झेली दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ग्रुप-डी की सीईटी यानी सामान्य पात्रता परीक्षा के दूसरे दिन भी अभ्यर्थियों के साथ-साथ आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा अव्यवस्था का आलम तब देखने को मिला जब अभ्यर्थी परीक्षा खत्म होने के बाद बस स्टैंड पर पहुंचे। एक तरफ अभ्यर्थी तो दूसरी तरफ आम यात्री बसों में सवार होने के जूझने लगे। कोई खिड़की तो कोई बस के गेट पर लटक कर यात्रा करने को मजबूर हो गया। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थी बस स्टैंड पर पहुंचे, लेकिन सरकारी सहित प्राइवेट बसों के अंदर खड़े होने की जगह नहीं थी। अभ्यर्थी न तो अंदर जा सका और न ही अंदर से बाहर आ सका। ऐसे में रोडवेज ने एक-एक कर बसों को स्टैंड से बाहर निकाला और अभ्यर्थियों को बैठाकर रवाना किया गया। दूसरी ओर एक साथ कई बसें चलने से शहर में जाम की स्थिति बन गई। पुलिस प्रशासन को जाम खुलवाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
सुबह आठ बजे तक बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए सुगम व्यवस्था रही। जैसे-जैसे अभ्यर्थी आते गए, उन्हें बसों में बैठाया गया। बस की सीटें भरते ही उसे रूट पर रवाना करते गए, लेकिन पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद शहर की सड़कों पर जाम लगना शुरू हो गया। देर शाम दूसरे चरण की परीक्षा खत्म होने के बाद भी जाम के हालात रहे। चंडीगढ़, पंचकूला, पानीपत, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र के लिए अलग-अलग काउंटर बनाया गया था।
आम लोगों को हुई परेशानी
रोडवेज की ओर से जिले के सभी लोकल मार्गों से बसों को हटा लिया गया, जिससे वहां से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि कुछ बसों को सामान्य मार्ग पर भी दौड़ाया गया। सुबह उन अभ्यर्थियों को भी परेशानी हुई जो ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे युवाओं को अपने इंतजाम से बस स्टैंड पहुंचना पड़ा। महिला अभ्यर्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ी, क्योंकि ज्यादातर के केंद्र करनाल में ही थे और सुबह गांव से शहर पहुंचना मुश्किल रहा