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Karnal News: बसों में उमड़ी भीड़, सफर के लिए जूझी बहनें

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- सीईटी मेन्स परीक्षा व हैप्पी कार्ड पर निशुल्क यात्रा के कारण बिगड़ी व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रक्षाबंधन पर्व के लिए रोडवेज ने पूरी तैयारी करने का दावा किया था मगर रविवार को महिलाएं बसों में सफर के लिए जूझती नजर आईं। वहीं आम लोगों को भी भीड़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि करनाल डिपो की ओर से 168 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया लेकिन बस स्टैंड पर एकाएक काफी संख्या में यात्री पहुंचने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
शनिवार व रविवार को जिले में सीईटी समूह-56 व-57 की परीक्षा के कारण भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। इस कारण से भी बसें भर गईं। रविवार दोपहर 12 बजे से महिलाओं की रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा के कारण भीड़ उमड़ पड़ी। परिवहन विभाग की ओर से जारी हैप्पी बस पास के कारण भी महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी त्योहार के मौके पर सरकार की योजना का फायदा उठाने से नहीं चुके।
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करनाल डिपो की ओर से बहनों को बिना किसी दिक्कत के निशुल्क बसों में सफर कराने के लिए सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर विशेष ड्यूटी लगाई गई है मगर भीड़ के सामने ये इंतजाम धरे रह गए। महाप्रबंधक और ट्रैफिक मैनेजर की विशेष निगरानी के बावजूद बसें निर्धारित समय से देरी से चलीं और सीट के लिए महिलाएं जद्दोजहद करती नजर आईं।
15 साल तक के बच्चे की मुफ्त यात्रा के कारण महिलाएं सभी बच्चों को लेकर बसों में सफर करती दिखीं। बहनों की सुविधा के लिए शनिवार से ही बसों की संख्या बढ़ा दी गई थी। जिस भी रूट की सवारियां अधिक रहीं, उस रूट पर खराब बसों में से ठीक हुई बसों को चलाया गया, जो सड़कों पर खराब सर्विस के कारण रेंगती नजर आई।


झेलनी पड़ी परेशानी
हर साल परिवहन विभाग की ओर से महिलाओं की सुविधा के लिए निशुल्क बसें चलाई जाती हैं। इस बार विभाग ने एक दिन पहले निशुल्क यात्रा सुविधा तो दे दी लेकिन भीड़ के आगे ये इंतजाम अधूरे नजर आए और उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेज को रक्षाबंधन के त्योहार पर सभी बसों को निशुल्क चलाना चाहिए।
- रोशनी


केवल बहनों के लिए हो निशुल्क यात्रा
रक्षाबंधन के त्योहार पर केवल बहनों के लिए ही निशुल्क बस यात्रा की सुविधा होनी चाहिए। ऐसे में 15 साल तक के बच्चों के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा के कारण भी बसों में भीड़ ज्यादा हो गई। हैप्पी बस पास व सीईटी परीक्षा के कारण भी यात्रियों की संख्या अधिक रही।
- सुनीता

बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत
रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर बहनें अधिक संख्या में यात्रा करती हैं। उनके लिए विभाग की ओर से रोडवेज बसों के साथ-साथ प्राइवेट बसों को भी अनुबंधित कर निशुल्क यात्रा सुविधा दी जानी चाहिए। रक्षाबंधन का पर्व साल में एक बार आता है, ऐसे में इंतजाम पूरे होने चाहिए।
- बंतो देवी


प्राइवेट बस संचालकों को भी देनी चाहिए सुविधा
सालभर में आने वाले भाई-बहन के त्योहार रक्षाबंधन के दिन प्राइवेट टैक्सी व बस मालिकों की ओर से भी निशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ दिया जाना चाहिए। सभी भाइयों को सोचना चाहिए कि उनकी इस पहल से बहनों को सुविधा मिलेगी।
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- बबीता


रक्षाबंधन पर रोडवेज की सभी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा 36 घंटे तक के लिए की गई है। इस बार सीईटी मेन्स की परीक्षा व हैप्पी बस पास पर निशुल्क यात्रा के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ गई। हालांकि 168 बसों के साथ-साथ वर्कशॉप में काफी समय से खड़ी बसों की भी बेहतर सर्विस करवाकर रूट पर उतारा गया। सभी चालकों व परिचालकों की 36 घंटे तक छुट्टियां रद्द हैं।

- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो करनाल
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