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करनाल सहित प्रदेश की दो अनाज मंडियों में लगेगी फसल क्लीनिंग मशीनें

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कृषि उपज के अनाज मंडियों में आने के दौरान खाद्यान्न में साफ सफाई की समस्या उत्पन्न होती है। जिससे किसानों को पंखा लगाकर उसे साफ करने के लिए कहा जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने राज्य की दो अनाज मंडियों करनाल और कैथल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर क्लीनिंग मशीनें लगाने पर काम शुरू किया है। इन मंडियों में आने वाली कृषि उपज को किसान सीधे इन्हीं मशीनों में डालेंगे। साफ सफाई के बाद जब खाद्यान्न मशीन से बाहर निकलेगा तो सीधे बोरियों में पैक कर दिया जाएगा। मशीन ही बोरी की सिलाई भी कर देगी। इससे खाद्यान्न बिखरा हुआ भी नहीं दिखेगा।
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अनाज मंडी करनाल के सचिव चंद्र प्रकाश ने बताया कि जब भी गेहूं या धान की खरीद शुरू होती है तो बहुतायत में किसान खेत से सीधे कृषि उपज को अनाज मंडियों में ही लाते हैं। ऐसे में खाद्यान्न की साफ सफाई की समस्या होती है। जब मंडी परिसर में ढेरियां लगाई जाती हैं तो बोली लगाने वाले उसे साफ कराने की बात कहते हैं। ऐसे में आढ़तियों व किसानों को पंखा आदि लगाकर उसे साफ कराना पड़ता है, लेकिन अब ये समस्या नहीं रहेगी। हरियाणा सरकार ने पहले करनाल व कैथल जिले में क्लीनिंग मशानें स्थापित करने का निर्णय है। क्लीनिंग मशीन करनाल अनाज मंडी पहुंच चुकी है, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। ये मशीन शीघ्र ही अनाज मंडी परिसर में गेट के आसपास ही स्थापित करा दी जाएगी। जब किसान अपनी खाद्यान्न भरी ट्राली को भार कराकर व गेटपास लेकर मंडी के अंदर आएंगे तो वह कृषि उपज को मशीन में डाल देंगे। मशीन से साफ होकर खाद्यान्न बाहर निकलेगा, वहीं बोरियों में भर जाएगा और सिलाई भी हो जाएगी। जिससे किसानों को साफ खाद्यान्न मंडी में बेचने में आसानी होगी। बाहर उन्हें बोरियों में भराई व सिलाई की समस्या से निजात मिल जाएगी।
वर्जन
क्लीनिंग मशीन स्थापित करने की योजना को अभी ट्रायल के आधार पर करनाल व कैथल मंडी में शुरू किया गया है, यदि ये योजना सफल रहती है तो सरकार इसे राज्य की सभी अनाज मंडियों में लागू करेगी।
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-चंद्र प्रकाश, सचिव, अनाज मंडी करनाल
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