शहर के अमृतधारा अस्पताल के मैनेजर से चार लोगों ने एफसीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में कैथल के पूंडरी की बलकार कॉलोनी निवासी कर्मबीर ने बताया कि वह फिलहाल अमृतधारा अस्पताल में बतौर मैनेजर कार्यरत है। अक्तूबर 2015 में उसके एक दोस्त कर्मबीर ने उसे आरोपी शमशेर सिंह निवासी गांव दुसैन, कैथल और गुरदीप सिंह निवासी महल खेड़ी कैथल से मिलवाया। दोनों ने उसे विश्वास में लेकर कहा कि उनके एफसीआई विभाग में अच्छे संबंध हैं। वह तीन लाख रुपये में उसे सरकारी नौकरी लगवा देंगे।
उसने कहा कि वह इतने पैसे एक साथ नहीं दे सकता। इस पर दोनों आरोपियों ने कहा कि रोल नंबर आने पर एक लाख रुपये देने हैं, जबकि बाकी के दो लाख रुपये बाद में देने हैं। इसके कुछ दिन बाद दोनों ने इंटरनेट पर उसका रोल नंबर और रिजल्ट दिखाया। इसी दौरान तीसरे आरोपी दिल्ली निवासी निशांत ने फोन पर बातचीत करके उसे कहा कि हम दोनों खुद दिल्ली जाकर एफसीआई विभाग से कुछ दस्तावेज लेकर आएंगे। इस पर उसके हस्ताक्षर होंगे। हस्ताक्षर होने के बाद उसे दो लाख रुपये देने होंगे। इस पर पीड़ित ने कहा कि उसके पास दो लाख रुपये नहीं एक लाख रुपये है। आरोपी शमशेर और गुरदीप को उसने अमृतधारा अस्पताल में दो लाख रुपये दे दिए।
इसके कुछ दिन बाद दोनों आरोपी एफसीआई के कुछ दस्तावेज लेकर उसके पास आए और उसके हस्ताक्षर करवाकर ले गए। दोनों ने कहा कि अब यह दस्तावेज आरोपी निशांत और रोहित निवासी दिल्ली को देने हैं। कुछ दिनों बाद वह और उसका दोस्त कर्मबीर आरोपी निशांत और रोहित से मिलने के लिए दिल्ली गए। मिलने के बाद जब उन्होंने आरोपी शमशेर और गुरदीप को कहा कि कही उनके साथ धोखा न हो जाए। इस पर दोनों ने आश्वासन दिया कि वह उसके साथ धोखा नहीं होने देंगे। उन्होंने अपने दो अकाउंट नंबर दे दिए और उनमें से एक अकाउंट में 50 हजार रुपये डालने की बात कही। इस पर उसने आरोपी गुरदीप के खाते में 10 मार्च 2016 को 50 हजार रुपये डाल दिए।
उसके बाद शमशेर और गुरदीप ने उसे कहा कि उसका नियुक्ति पत्र उसके पास आ चुका है। उसकी नियुक्ति इलाहाबाद में हुई है। वह दोनों उसे छोड़ने के लिए दिल्ली तक जाएंगे। 15 मार्च 2016 को दोनों आरोपी उसके साथ दिल्ली चले गए। इसी दौरान वह अपने साले और अन्य साथियों को भी अपने साथ ले गया। दिल्ली जाने के बाद दोनों ने उसे आरोपी निशांत और रोहित से मिलवाया। आरोपियों ने कहा कि अब उसके साथ आरोपी गुरदीप और रोहित नियुक्ति के लिए इलाहाबाद जाएंगे। वह इलाहाबाद जाने के लिए ट्रेन में बैठ गए।
साथ गए आरोपी गुरदीप और रोहित ने उन्हें फतेहपुर स्टेशन पर उतार लिया और कहा कि यहां होटल में कमरा लेकर आराम करेंगे और दोपहर बाद इंटरव्यू होगा। जब दोपहर बाद उसने इंटरव्यू की बात कही तो दोनों आरोपियों ने कहा कि जिस व्यक्ति ने नियुक्ति करवानी है, वह बंगलूरू चला गया। इसलिए 2-3 दिन इंतजार करना पड़ेेगा। दो दिन बाद दोनों आरोपी पीड़ित को होटल में छोड़कर फरार हो गए। जब इसके बारे में उसने अन्य दोनों आरोपियों को फोन किया तो उन्होंने भी फोन बंद कर लिए। सिटी थाना पुलिस ने शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।