सीआईए टू टीम ने चोरी की दो बड़ी वारदात का खुलासा किया है। पांच दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी गए लाखों रुपये का सामान भी बरामद कर लिया है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। चोरी की पहली वारदात सिविल लाइन थाने में 25 जून को हुई और दूसरी वारदात 23 जुलाई को। सीआईए-2 इंचार्ज आजाद सिंह ने बताया कि उन्होंने जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक रामफल और मुख्य सिपाही रोहित कुमार को दिया।
15 अगस्त को आरोपी मनोज उर्फ मोजी निवासी कोट मोहल्ला को जाटो गेट के पास से काबू किया गया। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। इस दौरान आरोपी ने अपने तीन साथियों के बारे में बताया, जो तीनों किसी अन्य वारदात को लेकर मुजफ्फरनगर, यूपी में जेल में बंद थे। टीम ने तीनों आरोपियों को 23 अगस्त को चार दिन के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लिया। इनके कब्जे से चोरीशुदा सामान बरामद किया गया। आरोपी पंकज त्यागी, ऋषि निवासी गली नंबर-7 विकास कॉलोनी रांवर रोड, बिट्टू उर्फ काला निवासी मुनक से एक घड़ी (कीमत लगभग 1.75 लाख है), एक कैमरा, एक मोबाइल और वारदात के समय इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।
वहीं दूसरे मामले में सीआईए-2 इंचार्ज उप-निरीक्षक आजाद सिंह के निर्देश पर मुख्य सिपाही रोहित कुमार ने बुधवार को मीराघाटी चौक में नाकाबंदी करके दोनों आरोपियों धर्मबीर उर्फ मपली निवासी कलंदरी गेट और अनूप निवासी इंद्रा कॉलोनी को काबू किया। मौके से ही आरोपियों के कब्जे से स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई स्टनर बाइक व प्रारंभिक पूछताछ में ही आरोपियों के कब्जा से चोरी किया हुआ एक मोबाइल और 1000 रुपये कैश बरामद किए गए।