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वारदात के बाद खुद पुलिस चौकी में शिकायत देने पहुंच गया हत्यारोपी

Thu, 19 May 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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करनाल के आईटीआई के छात्र की हत्या की खबर सुनते ही पुलिस के भी पसीने छूट गए। सुबह सवा आठ बजे हुई वारदात को लेकर पुलिस किसी भी प्रकार आरोपियों तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटी थी। इसी दौरान एक युवक पुलिस चौकी में आया और लिखित में शिकायत दी कि उस पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, साथ ही यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के पास चाकू थे। पुलिस ने वहीं मौके पर ही युवक को काबू कर लिया और पूरी वारदात के बारे में पूछा।
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असल में आईटीआई पास युवक सुनील फिलहाल रोडवेज की वर्कशाप में अप्रेंटिस पर है। वह भी छात्र गुटों के साथ जुड़ा रहा है। ऐसे में सुबह जैसे ही सन्नी बस स्टैंड पर उतरा तो कई युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपियों को इस बात की इल्म नहीं था कि सन्नी ने दम तोड़ किया। अन्य आरोपी तो फरार हो गए, जबकि सुनील कुछ ही देर के बाद बस स्टैंड पुलिस चौकी में शिकायत देने चला गया। सुनील निवासी नरूखेड़ी ने पुलिस को बताया कि उस पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया और वे कर्ण पार्क की तरफ फरार हो गए।

सुनील ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों के पास चाकू भी थे और वे उसके साथ मारपीट करके गए हैं, उसे जान का खतरा है। पुलिस को युवक पर शक हो गया और पुलिस ने उसे वहीं पर बैठा लिया। उधर, पुलिस इस केस में आरोपियों तक पहुंचने के लिए प्रयास कर ही रही थी कि आरोपी खुद पुलिस चौकी में आ गया। पुलिस ने सख्ती से युवक से पूछताछ कि तो आरोपी ने सारी कहानी बयां कर दी।   
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न पुलिस पहुंची, न कोई मदद करने वाला
हालांकि, बस स्टैंड पर पुलिस चौकी है, लेकिन वारदात के दौरान न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही आम जनता। छात्र पर हमले की वारदात को रोडवेज कर्मचारी और आम यात्री तमाशबीन बनकर देखते रहे। सन्नी के साथी छात्रों के अलावा किसी ने भी उसको छुड़वाने की जहमत नहीं उठाई। सरेआम छात्र को बेल्टों से पीटा गया, पर किसी ने भी आरोपियों को रोका नहीं, बल्कि वे चुपचाप निकलते रहे।

शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी हावी
शिक्षण संस्थानों में छात्रों की गुटबाजी हावी हो रही है। इससे एक दिन पहले भी खालसा कालेज में छात्रों में चाकू चले। इसमें छात्र औंकार वासी बांसा गांव घायल हो गया। इससे पहले गवर्नमेंट पीजी कालेज में भी कई बार छात्र गुटों पर चाकू और बिंडे चले हैं। आए दिन बन रहे छात्र गुटों में खूनी संघर्ष चल रहा है। इससे शिक्षा संस्थाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि आईटीआई में इससे पहले भी छात्र गुटों में कई बार झगड़े हो चुके हैं। इसी का नतीजा है कि छात्र अपने साथ हथियार रखने लगे हैं।

शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा में भारी चूक
जिले के शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा के इंतजाम ढीले हैं। यहां पर छात्र हथियार लेकर घुस रहे हैं या मामूली सी कहासुनी में छात्रों के अलग-अलग गुट बने हुए हैं। इससे तनाव का माहौल रहता है। इस तरह की स्थिति में संस्थान द्वारा सख्त कदम न उठाया जाना भी लापरवाही दिखाई दे रही है। संस्थानों के अलावा आउट साइडर एंट्री कर जाते हैं। छात्रों में गुट बनना बहुत नुकसानदायक है। इनको समझ कम है और बड़ा क्राइम करने से भी नहीं घबराते। सन्नी की हत्या भी गुटबाजी के कारण हुई है। इस तरह के गुट में अलग-अलग संस्थानों के छात्र शामिल रहते हैं।

वर्जन
शिक्षण संस्थानों में छात्रों के चाकू और अन्य हथियार लेने का मामला काफी गंभीर है। पुलिस शिक्षण संस्थानों में चेकिंग अभियान चलाएगी और बदमाश प्रवृति के लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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- पंकज नैन, एसपी करनाल।
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