थ्रोबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी महिला कांस्टेबल अनीता द्वारा मधुबन पुलिस कांप्लेक्स के अधिकारियों पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों में मामले में जांच कमेटी की अध्यक्ष आईजी डॉ. सुमन मंजरी के सामने अनीता समेत सात खिलाड़ियों ने आरोपों को दोहराया। इतना ही नहीं सभी लड़कियों ने अधिकारियों पर कई संगीन आरोप भी जड़े हैं। हालांकि, अनीता का तबियत ठीक नहीं होने पर उसे दोबारा से 21 अगस्त को कमेटी के सामने बुलाया है। अनीता ने साफ किया है कि कि अगर कमेटी ने उन्हें सही न्याय नहीं दिया तो वे हाईकोर्ट की शरण लेगी।कांस्टेबल अनीता ने बताया कि एसपी रामकुमार, हैड क्लर्क, रीडर के रवैये से तंग होकर फिनाइल पीकर आत्महत्या करने का प्रयास कर किया था। इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। मंगलवार को भी आईजी के सामने पांच खिलाड़ियों ने बयान दर्ज कराए थे। बुधवार को जांच कमेटी ने मधुबन पुलिस कांप्लेक्स में खिलाड़ी अनीता, रचना, मोनिका, मीना, कविता, ज्योति व चेतना के बयान कलमबद्ध कराए हैं। खिलाड़ियों ने बयानों में अपने पूर्व से सभी आरोपों को दोहराया और तंग करने के तथ्य भी पेश किए। अनीता ने बताया कि कमेटी की अध्यक्ष सुमन मंजरी ने उनके बयान लिए हैं और बयान में उन्होंने अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों पर प्रताड़ना के आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी पर पूरा विश्वास कि कमेटी उनको सही इंसाफ देगी, अगर कमेटी ने सही न्याय नहीं दिया तो वे उच्च न्यायालय की शरण लेगी।
चार घंटे तक चली पूछताछजांच कमेटी के अधिकारियों ने सभी महिला कांस्टेबलों के अलग-अलग से बयान लिए। करीब चार घंटे तक आईजी आफिस में जांच का दौर चला। महिला कांस्टेबलों ने अधिकारियों को बयान देने के बाद बताया कि रीडर राजेंद्र उनके साथ अभद्र प्रकार की टिप्पणी करता था। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। वहीं देर, शाम आईजी ने एसपी रामकुमार से भी पूरे मामले में पूछपाछ की।
पांच लाख रुपये का आफर देने का दावाअनीता ने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। एक सप्ताह से ज्यादा समय से उनके साथ न्याय नहीं हो रहा है और बार-बार उन्हें टरकाया जा रहा है। अनीता ने दावा किया कि समझौते के लिए उसे एक खिलाड़ी के मार्फत पांच लाख रुपये ऑफर किए गए। अनीता ने कहा कि उसे पैसे नहीं, न्याय चाहिए।
एसपी ने नकारे सारे आरोपसभी आरोप तथ्यहीन और बेबुनियादी हैं। खेल में सिलेक्शन परफोरमेंस और अनुशासन के आधार पर होता है। 40 साल से पुलिस की नौकरी कर रहा हूं, मेरी उम्र 59 साल है, इस तरह के आरोपों से आहत हूं, लेकिन मुझे सच्चाई पर विश्वास है। पांच लाख रुपये ऑफर के आरोप भी मनघड़ंत हैं, अगर कोई ऐसा कर रहा है तो अनीता को उसका नाम बताना चाहिए। यह सब दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, असल मामला तबादले का है। ला एंड आर्डर की ड्यूटी देने में कुछ लड़कियां आनाकाना करती हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, ताकि उनका दबदबा बना रहे। मुझे जांच कमेटी पर विश्वास है, अब वही सच और झूठ का फैसला करेगी। -रामकुमार, एसपी, पांचवीं बटालियन।