करनाल के रामनगर थानाक्षेत्र के रहने वाले सुनील कुमार ने शास्त्रीनगर के नए मकान में दो दिन पहले ही आए थे। नए मकान में शिफ्ट होने के बाद परिवार काफी खुश था, मगर शायद किसी को नहीं पता था कि उनका बेटा ऐसा कदम उठाएगा। बड़ा बेटा हरदीप पानीपत के प्राइवेट कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था।
करनाल में एमबीए के छात्र ने तनाव के चलते मौत को गले लगाया। मकान के अंदर देर रात फंदा लगाकर खुद की जान गवा दी। परिजनों ने सुबह उठकर देखा तो कमरे के अंदर बेटे के शव लटका हुआ था। शव को देखते ही लोगों में खलबली मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली
रामनगर थानाक्षेत्र के रहने वाले सुनील कुमार ने शास्त्रीनगर के नए मकान में दो दिन पहले ही आए थे। नए मकान में शिफ्ट होने के बाद परिवार काफी खुश था, मगर शायद किसी को नहीं पता था कि उनका बेटा ऐसा कदम उठाएगा। बड़ा बेटा हरदीप पानीपत के प्राइवेट कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। वह काफी दिनों से तनाव में था।
परिजनों के अनुसार उनका बेटा हरदीप खाना खाने के बाद पढ़ाई करने के लिए अपने कमरे में चला गया। देर रात उसने फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह जब परिवार उठा तो उन्होंने बेटे के शव को लटके हुए देखा। शव को देखते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि देर रात छात्र ने फंदा लगाकर जान दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की तफ्तीश की जा रही है। हालांकि अभी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
पढ़ाई के साथ-साथ छात्र करता था नौकरी
पिता के कंधों पर परिवार के गुजर-बसर करने की जिम्मेदारी है। पिता सुनील कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। बेटे की पढ़ाई-लिखाई में भी कोई कमी नहीं छोड़ी। बेटा भी पढ़ाई के साथ-साथ प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था, मगर किसी को नहीं पता था कि एक दिन छात्र ऐसा कदम उठाएगा। बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार में छोटा भाई और माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है।