पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मे ने एक अहम फैसले में आदेश जारी कर गांव गगसीना की पूर्व महिला सरपंच को दोबारा पद पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं।
न्यायालय ने सरपंच को तुरंत उसको रिकॉर्ड सौंपने के आदेश भी दिए हैं, जिससे बहाल हुई सरपंच के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई ओर उन्होंने लड्डू बांट कर खुशी जाहिर की है।
गांव गगसीना की पूर्व महिला सरपंच शीशकला पत्नि बलकार संधू को जिला उपायुक्त ने 5 मई 2014 को पद से हटा दिया था। शशीकला पर गांव में करवाये गए विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप था।
पद से हटाने के बाद सरपंच ने वित्तायुक्त को अपनी अपील दायर की थी, लेकिन वित्तायुक्त ने जिला उपायुक्त के आदेशों को सही ठहराते हुए सरपंच को पदमुक्त रहने के आदेश दे दिए थे।
शशीकला ने बाद में पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और उच्च न्यायालय ने एक अह्म फैसला देते हुए महिला सरपंच शशीकला को बहाल करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही न्यायालय ने अधिकारियों को शीघ्र रिकॉर्ड देने के निर्देश जारी किए है। महिला सरपंच ने कहा कि उन्होंने उच्च न्यायालय पर पूरा विश्वास था ओर उनका विश्वास कायम रहा, जिससे हमे इंसाफ मिल गया है।