हरियाणा के करनाल के इंद्री क्षेत्र के कादिराबाद गांव के पास निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री में बिजली आपूर्ति के खंभे लगाने को लेकर किसान और प्रशासन आमने-सामने हो गए। प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए किसानों ने खंभे लगाने का विरोध किया। इस पर किसानों व पुलिस प्रशासन में झड़प हो गई।
किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री में भादसों पावर हाउस से बिजली आपूर्ति पहुंचाने के लिए करीब 58 लाख का एस्टीमेट तैयार हुआ था। सीधी सप्लाई भादसों सड़क से होते हुए फैक्ट्री तक आनी थी। एस्टीमेट अधिक राशि का होने के कारण फैक्ट्री संचालकों ने प्रशासन से मिलीभगत कर इसे रद्द करवा दिया। अब दोबारा से करीब आठ लाख का एस्टीमेट पास करवाया गया है। इससे बिजली आपूर्ति किसानों के खेतों के बीचों बीच जाएगी। किसानों का कहना है कि यह सरासर गलत है।
फैक्ट्री के बिजली खंभे लगाने के लिए सुबह के समय ही प्रशासन दल बल के साथ पहुंच गया। किसानों को मामले की भनक लगी तो भाकियू नेता मनजीत लालर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौके पर पहुंच गए और बिजली खंभे लगाने का विरोध करने लगे। प्रशासन नहीं माना पर खंभे लगाने पर अड़ा रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अशोक कुमार व डीएसपी सुभाषचंद्र मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसान नहीं माने, जिसके बाद प्रशासन ने कई किसानों को अपनी हिरासत में ले लिया और बिजली खंभे लगाने शुरू कर दिए।
किसानों को नहीं मिले नोटिस
किसानों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन फैक्ट्री संचालकों के साथ मिला हुआ है। नियमानुसार खेतों में बिजली खंभे लगाने से पूर्व किसानों को बिजली निगम की ओर से नोटिस दिए जाते हैं लेकिन उन्हें विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला। जिस कारण उनके खेतों में खड़ी फसल खंभे लगाने की वजह से तबाह हो चुकी है।
सभी बिजली पोल एस्टीमेट के अनुसार ही लगाए गए है। पूरा कार्य नियमानुसार किया जा रहा है।
- युवराज सिंह, एसडीओ बिजली निगम इंद्री