पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद गोतस्करी नहीं रुक रही है। दूसरा तस्करों का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि वे पुलिस पर फायरिंग करने से भी नहीं चूक रहे हैं। वीरवार की देर रात इंद्री पुलिस और तस्करों के बीच में जमकर फायरिंग हुई। इतना ही नहीं, बदमाशों ने पुलिस पर गाड़ी भी चढ़ाने की कोशिश की और थाना प्रभारी की गाड़ी को टक्कर मारी। करीब आधा घंटे तक चली फायरिंग और इस मामले में कोई पुलिस कर्मी हताहत नहीं हुआ, वहीं, बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते हुए यमुना नदी में से फरार हो गए। हालांकि, गोवंश से भरा ट्रक छोड़ गए। ट्रक में से तीन मृत गायें और 9 मृत बैल मिले हैं। तीन अन्य गोवंश को कुंजपुरा गोशाला में छोड़ा गया है। पुलिस ने इस मामले में तस्करों पर हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारी प्रेमचंद ने बताया कि इंद्री पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक गोवंशों को वध के लिए उत्तर प्रदेश लेकर जा रहा है। पुलिस व गोरक्षकों ने इंद्री के भादसों गांव में ट्रक को देखा और रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका। ड्राइवर ने ट्रक को तेजी से दौड़ा लिया। इसके बाद ट्रक चालक पुलिस व गोरक्षकों को चकमा देता हुआ गांव जैनपुर हिनौरी की तरफ निकल गया। पुलिस ने भी इस ट्रक का पीछा किया। इसी बीच, गोतस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की और ट्रक को विभिन्न गांवों से ले जाते हुये ब्याना पुलिस का नाका तोड़ते व फायरिंग करते हुए पुलिस की गाड़ी को साइड मारकर यमुना नदी में पहुंच गए। पुलिस ने भी बचाव में जवाबी फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, फायरिंग में कोई भी घायल नहीं हुआ। यमुना नदी के बीच में पहुंचकर तस्करों का ट्रक रेत में धंस गया और वे गोवंश से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने क्रेन की सहायता से ट्रक को बाहर निकाला। वहीं, पुलिस को मौके पर तस्करों द्वारा की गई फायरिंग में से दो राउंड मिले हैं। बताया जाता है कि बदमाशों ने करीब 20 फायर किए। ट्रक में बीस के करीब पशु मिले, जिन्हें ठूंस कर भरा हुआ था। पुलिस ने ट्रक व गोवंशों को कब्जे में लेकर कुंजपुरा गोशाला में छोड़ दिया है। इनमें से एक गाय मरी हुई मिली और नौ बैल भी मृत मिले। पुलिस ने गोतस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में एएसआई बलवान, प्रेमचंद्र, अशोक, मुकेश, मोहन, बलजीत सिंह, सत्यवान व गोरक्षक धर्मेंद्र, राहुल, प्रदीप, रणजीत व बंटी मौजूद रहे।
बढ़ रहा तस्करों का दुस्साहस
गोतस्करी करने वालों का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि वे बिना किसी डर से गायों की तस्करी करते हैं। जैसे ही कोई उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश करता है वे उस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। पुलिस का कहना है कि तस्कर पूरी तैयारी के साथ और असलहे के साथ आते हैं। बदमाशों के पास आधुनिक हथियार होते हैं, जो दूर तक मार करते हैं, इसलिए वे पुलिस से भी नहीं घबराते और फायरिंग कर देते हैं। इसी के दम पर वे पुलिस के नाके तोड़ते हैं और यमुना के रास्ते सीधे यूपी पहुंच जाते हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि जैसे ही गोवंश से भरा कोई वाहन यूपी क्रास कराना होता है तो उसके साथ अन्य वाहनों में हथियारों से लैस युवक होते हैं।
बाक्स
एक साल पहले फायरिंग में सिपाही की हुई थी मौत
गौरतलब है कि इससे पहले, भी इंद्री, ब्याना और यमुना नदी के पास पुलिस और तस्करों के बीच फायरिंग हो चुकी है। साल पहले तस्करों ने पुलिस कर्मचारी को गोली भी मार दी थी। इससे पुलिस कर्मचारी की मौत हो गई थी। इसके अलावा दो माह पहले सीआईटू की टीम पर तस्करों से एक घंटे तक फायरिंग की थी, हालांकि बाद में बदमाश मौके से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने इस मामले में दो कुख्यात मूसा और एक अन्य को गिरफ्तार किया था। पिछले 15 दिन पहले भी फायरिंग हो गई थी।
तस्करों के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस ने बखूबी तस्करों का मुकाबला किया। तस्कर गाड़ी को छोड़कर फरार हो गए। जल्द ही उनको काबू कर लिया जाएगा।
- नरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, इंद्री।