नोटबंदी के बाद से ई पेमेंट को लेकर चल रहे अभियान में ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। एक इंजीनियर को निशाना बनाते हुए साइबर के शातिर बदमाशों ने उसके खाते से यूएस डालर के रूप में करीब 70 हजार रुपये निकाल लिये। यह ठगी तब की गई जब क्रेडिट कार्ड इंजीनियर की जेब में था और बदमाशों ने उसके खाते से स्वाइप करके खरीदारी कर ली।
इंजीनियर ने मामले शिकायत बैंक व पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले के अनुसार, बसंत विहार निवासी शिव चरण के पुत्र मनस्वी कौशिक मुंबई में बतौर पेट्रोलियम ड्रिलिंग इंजीनियर कार्यरत है, जोकि छुट्टियों में अपने घर आए हैं। कौशिक ने बताया कि इस धोखाधड़ी का तब पता चला जब सुबह उन्होंने अपने मोबाइल पर आये मैसेज को चेक किया, उस समय क्रेडिट कार्ड उसके पास ही था। कौशिक ने बताया कि 19 और 20 की रात को उसके सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड से यूएस डालर की बोगस निकासी हुई, जिसकी भारतीय कीमत करीब 70 हजार रुपये बनती है। पहले 50 डालर निकाले गए, बाद में 975 डालर की निकासी हुई। ये ट्रांसजेक्शन इनमेट फोन सर्विस एवं अमेरिकन एयरलाइंनस के लिए किए गए। अमेरिकन एयरलाइंस अमेरिका की सबसे बड़ी एयरलाइंस है तथा इनमेट फोन सर्विस अमेरिका में कैदियों को फोन काल करने की सुविधा प्रदान करती है। इसके बारे में उसने तुरंत बैंक अधिकारी को क्रेडिट कार्ड निष्क्रिय करने को कहा और इसकी शिकायत दर्ज कराई। इंजीनियर ने बताया कि उसके कार्ड के नाम से ही स्वाइप करके खरीदारी की गई है, जबकि कार्ड उसके पास ही है। इस बारे में सदर थाना प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस गंभीरता से लें ऐसे मामले : पोसवाल
इस अवसर पर बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव गुलाब सिंह पोसवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार नैट बैकिंग करने पर जोर लगा रही है। दूसरी ओर खाताधारकों के खाते से धनराशि उड़ाई जा रही है। जब बैंक ग्राहक बैंक अधिकारियों से इस धोखाधड़ी के बारे में पूछते हैं तो इसका कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दिया जाता और अपने ग्राहकों को उलझनभरी स्थिति में छोड़ देते हैं। बैंक अधिकारी व पुलिस प्रशासन ऐसी धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लेकर हल करने का प्रयास करें, ताकि बैंक और पुलिस प्रशासन पर जनता का विश्वास बना रहे और केंद्र सरकार की कैशलेस स्कीम पर लोगों का भरोसा कायम रहे।