करनाल जिल के घरौंडा स्थित गांव कुटेल स्थित वन विभाग के एक गार्ड को रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम ने शहर के हर्बल पार्क से गिरफ्तार किया है। हालांकि, रिश्वत की चार हजार राशि गार्ड का साथी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने गार्ड को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है, वहीं उसके साथी की तलाश जारी है।
गांव गंजोगढ़ी निवासी किसान इंद्रजीत ने पुलिस को बताया कि उसके खेत गांव गंजोगढ़ी व ऊंचा समाना के बीच पड़ते हैं। वन विभाग की थोड़ी सी जमीन में उन्होंने धान की फसल लगा दी थी। धान लगने के बाद वन विभाग के लोगों ने इसको उखाड़ने के लिए निर्देश दिए तो उन्होंने धान की फसल को उखाड़ दिया। बाद में वन विभाग के गार्ड रूपेंद्र सिंह इसकी एवज में उनसे दस हजार रुपये की मांग करने लगा। उन्होंने बताया कि गार्ड ने उसके अपनी डायरी में हस्ताक्षर भी करवा लिए थे और उसका चालान काटने की धमकी देने लगा। उसने चालान न काटने के लिए कई बार मन्नत की, लेकिन उसने उसकी फरियाद नहीं सुनी। काफी मन्नत करने के बाद उसने गार्ड को चार हजार रुपये देने पर राजी कर लिया।
रविवार को गार्ड ने हर्बल पार्क में रुपये देने के लिए कहा। इसके बाद उसने विजिलेंस टीम से संपर्क किया। करनाल के नायब तहसीलदार रामचंद्र के नेतृत्व में विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजपाल, एएसआई जयसिंह, हिम्मत सिंह टीम के साथ हर्बल पार्क में पहुंची और गार्ड को चार हजार रुपये थमा दिए। गार्ड ने रुपये लेते ही अपने साथी ईशम सिंह को दे दिए। रुपये लेते ही उसका साथी फरार हो गया। विजिलेंस ने उसको पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन हाथ नहीं आया। विजिलेंस टीम ने गार्ड रूपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
विजिलेंस टीम के जांच अधिकारी राजपाल ने बताया कि गांव गंजोगढ़ी के रहने वाले इंद्रजीत सिंह को वन विभाग का गार्ड किसी कार्य के लिए चालान करने की धमकी दे रहा था। उसकी शिकायत पर हर्बल पार्क में गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन रिश्वत की राशि चार हजार रुपये उसका साथी लेकर फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है।