फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर ने एमएलआर में नहीं लिखा मृतक का नाम, पांच घंटे बाद परिजनों को मिला शव

विज्ञापन
विज्ञापन
डॉक्टर ने एमएलआर में नहीं लिखा मृतक का नाम, पांच घंटे बाद परिजनों को मिला शव
विज्ञापन

- बाइक पर सवार थे चचेरे भाई, कार ने मारी टक्कर, एक की मौत, एक घायल
अमर उजाला ब्यूरो
असंध। गांव मूंड निवासी एक लड़के की मौत बीती रात सड़क हादसे में हो गई। इससे पहले जब युवक गंभीर रूप से घायल था तो उसे असंध के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उस दौरान डॉक्टर ने युवक की एमएलआर तो काट दी लेकिन उसका नाम नहीं लिखा और उसे करनाल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉक्टर की लापरवाही के कारण पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को मृतक 24 वर्षीय सहदेव का शव नहीं मिला। क्योंकि एमएलआर में मृतक का नाम नहीं था। इस कारण पांच घंटे तक परिजन शव लेने के लिए पोस्टमार्टम गृह के बाहर इंतजार करते रहे। वहीं दूसरी ओर घर पर महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। जानकारी के अनुसार बीती रात मुंड निवासी दो चचरे भाई सहदेव व विनोद बाइक पर सवार होकर असंध से गांव जा रहे थे। लेकिन सड़क की खस्ता हालत होने के कारण एक गड्ढे से बचते हुए उनकी बाईक को एक कार ने टक्कर मार दी। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत असंध के सामान्य अस्पताल में लेकर जाया गया। जहां पर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। लेकिन इससे पहले डॉक्टर ने सहदेव की एमएलआर काटी लेकिन उसका नाम नहीं लिखा। ग्रामीण राजकुमार , साधुराम, मंजीत पांचाल, रामफल, धर्मपाल आदि ने बताया कि उनके गांव मुड से लेकर असंध तक सड़क में बहुत ज्यादा गड्ढे हैं। इस पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। इस कारण इस सड़क पर दर्जनों मौतें हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद यह सड़क नहीं बनाई जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब मृतक सहदेव को असंध के सामान्य अस्पताल से रेफर किया गया तो असंध के डाक्टर ने उसकी एमएलआर पर उसका नाम नहीं लिखा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें