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बच्ची से छेड़छाड़ को लेकर दो समुदायों में तनाव, गांव छोड़ने की चेतावनी पर दौड़ा प्रशासन

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अमर उजाला ब्यूरो
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असंध (करनाल)। दुकान पर सामान लेने आई छह साल की बच्ची से दुकानदार द्वारा छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से नाराज एक समाज ने गांव से पलायन की चेतावनी दी तो प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। गांव में फैले तनाव को देखते हुए आनन-फानन में पुलिस बल तैनात किया गया और आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस लगातार मामले पर नजर रखे हुए हैं।
बता दें कि 6 जून को सतबीर सिंह दुकानदार पर एक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे और दो दिन गुजरने के बाद 8 जून को बच्ची ने रोते हुए दुकानदार के कुकृत्य की बात अपने घर जाकर बयां की थी। इसके बाद ही बच्ची की मां और बाप ने ग्रामीणों के साथ जलमाना चौकी जाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाने की मांग की।
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इस मामले को लेकर दो समुदायों के लोगों में मारपीट हो गई थी, जिसमें पांच लोग घायल भी हो गए थे। शुक्रवार देर रात तक पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लिया, वहीं 10-पोक्सो एक्ट, एसीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पीड़ित पक्ष के लोगों ने कहा कि यदि जल्द गंभीर चोट मारने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह गांव छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। इसके बाद से ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया। करीब 40 पुलिस कर्मचारियों की टुकड़ी गांव में तैनात रही। घरौंडा के डीएसपी वीरेंद्र सैनी और असंध थाना प्रभारी वीरेंद्र वशिष्ठ द्वारा गांव का दौरा करके दोनों पक्षों से बातचीत करते हुए गांव में शांति बनाए रखने की अपील की गई। इस बारे महिला थाना प्रभारी पबना देवी ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों ने आश्वासन दिया कि दोनों पक्ष गांव शांति बनाए रखेंगे और कोई झगड़ा नहीं करेंगे। आरोपी को हिरासत में लिया है।

पीड़ित पक्ष का आरोप, दो दिन तक पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने दलित की लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी उसे दो दिन पहले लापरवाही करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया गया। विशेष समुदाय के जिन आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के लोगों को गंभीर चोटें मारी थी, उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा 24 घंटे बीत जाने के बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया। इस कारण पीड़ित समुदाय के लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष पनप रहा है।
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यूं हुआ विवाद
ग्रामीणों ने पत्रकारों को बताया कि शुक्रवार देर रात्रि महिला थाना प्रभारी पबना देनी गांव पाढ़ा में पीड़ित मेहर सिंह के घर पहुंची तो भीड़ को देख गुरतेज भी मौके पर आ गया और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने गुरतेज को धक्का दे दिया और खुद का अपमान समझ कर स्कूल में में खेल रहे अपने अन्य साथियों को बुला लाया। बताया गया कि उपरोक्त युवक जब मेहर सिंह के घर पहुंचे तो दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। शनिवार सुबह 10 बजे ही पीड़ित पक्ष के लोगों ने एकत्रित होना शुरू कर दिया था, वहीं आरोपी पक्ष के समर्थकों द्वारा पंचायती स्तर पर एक बारगी उक्त मामले को निपटाने के लिए वाल्मीकि समाज के लोगों से बातचीत अवश्य की, परंतु इन लोगों रोहताश उर्फ तासा, तिलकराज, रामफल, कृष्ण इत्यादि ने कहा कि वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और पुलिस उन लोगों को गिरफ्तार करे जिन लोगों द्वारा कल उनपर बेवजह दबाव बनाकर हमला करके घायल किया गया।
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