फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिलीपींस में किया करनाल के छात्र का अपहरण, मांगी पांच लाख रुपए की फिरौती, जिला पुलिस ने एंबेसी को सूचना देकर छुड़वाया

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। फिलीपींस देश में करनाल के गांव धानों खेड़ी थाना इंद्री के एक छात्र का अपहरण कर लिया गया। वहां के बदमाशों ने छात्र को छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये फिरौती मांगी। परिजनों की शिकायत पर जिला पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना वहां पर भारतीय एंबेसी को दी और फिर उस छात्र को बदमाशों के चुंगल से छुड़वा लिया गया। छात्र के परिजनों ने एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का धन्यवाद किया।

सिंगापुर कॉलेज में 2016 से कर रहा था पढ़ाई, एक लड़की से हुई दोस्ती
एसपी ने बताया कि 27 जुलाई को राजेंद्र कुमार वासी धानों खेड़ी थाना इंद्री ने सूचना दी कि उसका लड़का प्रदीप कुमार उम्र करीब 20, साल जो अक्तूबर, 2016 से ऑस्ट्रेलिया में सिंगापुर कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए गया हुआ है। जहां पर उसकी दोस्ती फिलीपींस की एक लड़की से हो गई और दोनों करीब तीन महीने से सिंगापुर में साथ रह रहे थे। कुछ दिनों बाद लड़की वापस फिलीपींस चली गई और सितंबर 2017 में प्रदीप भी उसके पास फिलीपींस चला गया, जो अब तक वहीं रह रहा था।
विज्ञापन


फेसबुक पर दोस्त ने मैसेज कर दी अपहरण की सूचना
राजेंद्र ने बताया कि 27 जुलाई को उसके बड़े लड़के प्रवीण की फेसबुक पर प्रदीप की दोस्त जो फिलीपींस की है, उसने फेसबुक पर मैसेज कर बताया कि फिलीपींस में किसी ने प्रदीप को किडनैप कर लिया है और किडनैपर ने उससे 5 लाख रुपये की मांग की है। यह सूचना मिलते ही उन्होंने इंद्री थाना में इसकी शिकायत की और फिर थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह ने इस मामले के बारे में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का बताया।
विज्ञापन


48 घंटों में ही बदमाशों के चुंगल से छुड़वाया
जैसे ही इस मामले के बारे में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया को पता चला तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना इंडियन एंबेसी फिलीपींस को ईमेल के जरिए इस संबंध में सूचित कर, प्रदीप की मदद के लिए अपील की। इसके साथ ही एसपी द्वारा डीओ को लेटर लिखकर भी एंबेसी को प्रदीप की मदद करने के लिए कहा गया, इस पर कार्रवाई करते हुए इंडियन एंबेसी द्वारा तभी फिलीपींस पुलिस को सूचित किया गया और पुलिस की मदद से 29 जुलाई को प्रदीप को किडनैपरों के चंगुल से छुड़ा लिया गया। जिला पुलिस के प्रयासों से 48 घंटे के अंदर प्रदीप को सुरक्षित उसकी महिला साथी के पास पहुंचा दिया गया। परिजनों ने करनाल का धन्यवाद किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें