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ओवरलोड रोकने को लगाई थी ड्यूटी, गाड़ियों करने लगा अवैध वसूली, एडीसी ने रिश्वत के 39 हजार के साथ दबोचा

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ओवरलोड रोकने को लगाई थी ड्यूटी, गाड़ियों करने लगा अवैध वसूली, एडीसी ने रिश्वत के 39 हजार के साथ दबोचा
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। ओवरलोडेड वाहनों को रोकने के लिए सीएम के आदेश पर बनाई गई अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर तैनात स्टाफ ही ओवरलोडेड वाहन चलवा रहे हैं। इसके बदले तैनात स्टाफ हर गाड़ी से 500 रुपये एक हजार रुपये तक की अवैध वसूली कर रहा था। इसका खुलासा एडीसी कम आरटीए के छापे के दौरान हुआ। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात बिजली निगम के क्लर्क को रिश्वत के पैसों के साथ रंगेहाथ काबू किया है। तलाशी में आरोपी कर्मचारी की जेब से एक ही रात मेें अवैध रूप से वसूले गए 39160 रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सवाल ये है कि आरोपी कर्मचारी खुद के लिए ही अवैध वसूल कर रहा था। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात पूरी टीम शक के घेरे में है।
एडीसी ने निशांत यादव ने बताया कि वह समय-समय पर इन चेकपोस्टों की बिना किसी को सूचना दिए मॉनिटरिंग करते रहते हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि बिजली निगम का क्लर्क रामपाल रिश्वत लेकर ओवरलोड ट्रकों को नाके से निकाल रहा है। इस पर उन्होंने तुरंत एक टीम गठित कर दी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से निशान लगे तीन नोट एक नकली ट्रक चालक को दिए। इनमें दो नोट 200-200 के और एक नोट 100 रुपये का था। ट्रक चालक के साथ एक सहायक भी बैठा दिया गया। जब चालक ओवरलोडेड ट्रक लेकर मंगलौरा चेकपोस्ट पर पहुंचा तो वहां ड्यूटी पर तैनात बिजली निगम के क्लर्क रामपाल ने उनसे ट्रक पास करने के बदले मेें रुपए मांगे। इस पर उसने रामपाल को वह निशान लगे नोट दे दिए। पैसे मिलते ही रामपाल ने ओवरलोडेड ट्रक को निकाल दिया। यह देखते ही उन्होंने अपनी टीम के साथ छापा मार कर क्लर्क रामपाल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से निशान लगे तीनों नोट सहित 39 हजार 160 रुपये बरामद हुए। यह सभी आरोपी ने ओवरलोड ट्रक चालकों से अवैध रूप से वसूल किए थे। मधुबन थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। इस बारे में एडीसी निशांत यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य की मिलीभगत मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में है तीन चेकपोस्ट, 18 विभाग के कर्मचारियों की दो शिफ्ट में लगाई जाती है डयूटी
परिवहन विभाग हरियाणा के आदेशानुसार आरटीए विभाग ने करनाल जिले में तीन चेकिंग पोस्ट ब्याना, रंबा और मंगलौरा में स्थापित की है। इन पर ओवरलोड वाहनों की चेकिंग के लिए 18 विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इन कर्मचारियों की प्रत्येक माह दो शिफ्टों में ड्यूटी लगती है। इस दौरान ये कर्मचारी 12 घंटे चेकपोस्ट पर तैनात रहकर ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करते हैं। इस दौरान यदि कोई वाहन ओवरलोड मिलता है तो उस पर वजन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है या चालान किया जाता है।

रात को ही लगती थी आरोपी की ड्यूटी, नौवीं ड्यूटी में पकड़ा गया
बिजली निगम के क्लर्क रामपाल की ड्यूटी रात की शिफ्ट में शाम को छह बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक ही लगती थी। एक बार में तीन दिन लगातार एक ही टीम की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में आरोपी रामपाल की यह नौवीं ड्यूटी थी। तीन बार में रामपाल की ड्यूटी आठ अप्रैल से 10 अप्रैल तक ड्यूटी थी।
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ये थे ड्यूटी पर तैनात
रात की ड्यूटी में टीम लीडर मैकेनिकल डिविजन के एसडीओ जसबीर सिंह थे। उनके साथ खेल विभाग से कोच ओमकार सिंह, शिक्षा विभाग से क्लर्क सतीश वर्मा, बिजली निगम के एलडीसी रामपाल, पीडब्ल्यूडी के ड्राइवर सुशील, वन विभाग के ड्राइवर कृष्ण चंद, पीडब्ल्यूडी विभाग के चपरासी धर्मपाल, हिमांशु, विपिन शामिल थे।
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