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प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद भी नहीं थम रहा अवैध खनन

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इंद्री (करनाल)। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली खट्टर सरकार में अवैध रेत खनन धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस प्रशासन और माइनिंग विभाग के लाख प्रयासों के बाद भी रेत माफिया रेत बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। इस पर प्रशासन पूर्ण रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के राज्य सरकारों को सख्त आदेश है कि अवैध माइनिंग किसी भी सूरत में ना हो, परंतु इंद्री क्षेत्र से गुजरने वाली यमुना नदी से सटे गांव चंद्राव में करीब 100 एकड़ यमुना नदी का सीना रेत माफिया द्वारा छलनी कर दिया गया है। रेत माफिया अवैध खनन कर चांदी कूट रहे हैं। हालांकि, पिछले दिनों खबरें प्रकाशित होने के बाद जहां पुलिस विभाग ने चंद्राव में एक पीसीआर नियमित गश्त करने के लिए नियुक्त की थी।
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वहीं, माइनिंग विभाग की जिला अधिकारी ने भी मौका मुआयना कर रिपोर्ट बनाकर कार्यवाही करने के लिए पुलिस के पास भेज दी थी। इससे खनन माफिया में हड़कंप मच गया था, परंतु तू डाल डाल मैं पात पात वाली कहावत पर चलते हुए खनन माफिया पीसीआर के निकलते ही खनन शुरू कर देते है। सूत्रों की माने तो खनन माफिया और रेत भरने वाली लेबर के स्थानीय होने के कारण ही प्रशासन अवैध खनन पर पूर्ण अंकुश नहीं लगा पा रहा है। क्योंकि स्थानीय व्यक्ति प्रशासन की हर गतिविधि और क्षेत्र के सभी रास्तों से भलीभांति परिचित होता है।
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किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा अवैध खनन : गुप्ता
इस मामले में जिला खनन अधिकारी माधवी गुप्ता ने कहा कि चंद्राव से हो रहे अवैध रेत खनन का मामला संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन से बातचीत कर चंद्राव में पुलिस कर्मियों को नियमित गश्त के लिए नियुक्त कर दिया गया है। जिन व्यक्तियों की जमीन में अवैध खनन हुआ है, उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पुलिस को लिख दिया गया है। क्षेत्र में अवैध माइनिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी सूरत में चलने नहीं दिया जाएगा।
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