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स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी : मे डिकल कालेज का रिकार्ड जांचा, मेडिकल स्टोर पर मिली एक्सपायरी डेट की दवाइयां

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टर द्वारा अमृतधारा अस्पताल में जाकर रेफर किए गए मरीज का 16 हजार रुपये में आपरेशन करने के मामले की जांच को लेकर मंत्री अनिल विज के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी मेडिकल कालेज पहुंची। इस दौरान टीम ने संबंधित डॉक्टर और अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए। साथ ही डॉक्टरों की हाजिरी संबंधित अन्य रिकार्ड की फोटोग्राफी की। इसके बाद टीम ने मेडिकल कालेज के सामने ही मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की तो वहां पंर डेंटल मशीन और दूसरे मेडिकल स्टोर में ब्लड टेस्ट लैब चलती मिली, जहां पर सैंपल इकट्ठे किए जा रहे थे। टीम की छापेमारी देखकर दूसरे मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मेडिकल स्टोर के दस्तावेज भी खंगाले और उनपर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए। इसकी रिपोर्ट मंत्री अनिल विज के सामने पेश की जाएगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ने डेंटिस्ट मन्नू गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। इस पर मरीज ने आरोप लगाया हुआ है। टीम के सामने आरोपी डॉक्टर ने निजी अस्पताल में जाने की बात मानी है, हालांकि, कहा है कि वह तो केवल मरीज का हाल चाल जानने गया था।

मेडिकल स्टोर पर मिली एक्सपायरी दवाइयां
चंडीगढ़ से आए एडिशनल डायरेक्टर जनरल हेल्थ डॉ. आदित्य चौधरी, डायरेक्टर हेल्थ डॉ. विजय गर्ग, डिप्टी डायरेक्ट डॉ. श्रीवास्तव ने मेडिकल कॉलेज के सामने कल्पना मेडिकोज पर छापा मारा, यहां टीम को डेंटल मशीन मिली। इतना ही नहीं मेडिकल स्टोर में रखे फ्रीज में भी फ्रूट बीयर भी मिली। टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक पर जमकर फटकार लगाई और रिकॉर्ड भी खंगाला। इसके बाद टीम ने मेडिकल कॉलेज के सामने ही 24 हार्स फार्मेसी का भी रिकार्ड खंगाला तो वहां मेडिकल स्टोर संचालक ने ब्लड के सैंपल इकट्ठे करने का सेंटर बनाया हुआ था, मरीजों की ब्लड के सैंपल लेकर वे दूसरी लैब पर टेस्ट कराते हैं। इन मेडिकल स्टोर पर एक्सपायरी दवाइयां भी मिली।
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कमीशन खोरी भी आई सामने, डॉक्टर के साइन की हुई मिली पर्ची
टीम ने जब दोनों मेडिकल स्टोर पर रिकॉर्ड खंगाला और मरीजों की पर्ची चेक की गई तो कई पर्ची पर डॉक्टर के साइन भी मिले। इससे साफ जाहिर होता है कि डॉक्टर मरीज को वही दवा लिखते हैं जो बाहर मेडिकल स्टोर से मिलती है। इतना ही नहीं डॉक्टर खुद मरीज को बताते हैं कि यह दवा उस मेडिकल स्टोर से ही मिलेगी। यह बात मरीजों ने टीम के सामने भी कही। इस मामले की गंभीरता से जांच हुई तो कई डाक्टरों के नपने की संभावना है।
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दो मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई, जिसमें एक मेडिकल स्टोर पर डेंटल चेयर व दूसरे स्टोर पर लैब बनी हुई पाई गई है। दवाइयां भी एक्सपायरी मिली हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए हैं और साथ ही मेडिकल कॉलेज में भी सभी विभागों को रिकॉर्ड ले लिया है, डॉक्टरों के भी बयान ले लिए हैं। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री के सामने पेश कर दी जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आदित्य चौधरी, एडिशन डायरेक्टर जनरल हेल्थ।
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