अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। ग्रुप डी भर्ती में नौकरी लगवाने के नाम पर दो व्यक्तियों से लाखों रुपये ठगने वाले सिपाही सतीश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-13 चौकी पुलिस ने आरोपी सिपाही को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
फिलहाल पूछताछ में आरोपी सिपाही सतीश ने बताया कि उसने मौज मस्ती के लिए यह रुपये लिए थे। लेकिन पीड़ित दोनों व्यक्तियों का कहना है कि उसने उनसे अलग भी अनेक लोगों को ठगा हुआ है। सिपाही सतीश की एसपी कार्यालय में सीसीटीवी विभाग में ड्यूटी थी। इस बारे में पीड़ित फुरलक निवासी धर्मपाल व पंजाब निवासी राजेश ने एसपी को शिकायत दी हुई थी। इस मामले की जांच डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह सैनी कर रहे थे। जांच में आरोपी सिपाही दोषी पाया गया उसके खिलाफ एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया के निर्देश पर तुरंत मामला दर्ज किया गया।
ये था मामला
एसपी को दी शिकायत में फुरलक गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि सिपाही सतीश की उसके बेटे के साथ जान पहचान थी वह उनके घर भी आता था। सिपाही सतीश ने उन्हें कहा कि उसकी डीएसपी व जज के साथ अच्छी जान पहचान है। ग्रुप डी में नौकरी लगवानी है तो ढाई लाख में लगवा दूंगा, पहले एक लाख रुपये देने होंगे। उसकी बातों में आकर उसने अपने दामाद कुलदीप व बेटे के साले सुमित को ग्रुप डी में लगवाने के लिए एक-एक लाख रुपये सिपाही सतीश के खाते में डाल दिए लेकिन नौकरी नहीं मिली। जब सिपाही से दो लाख रुपये वापस मांगे तो उसने पहले तो देने से मना कर दिया और फिर 70 हजार रुपये दे दिए। अब 1.30 लाख रुपये वह नहीं दे रहा। वहीं दूसरी ओर पंजाब निवासी राजेश ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसकी सिपाही सतीश के साथ पहले से जान पहचान है। उसने कहा कि वह ग्रुप डी में नौकरी लगवा देगा। तो वह उसकी बातों में आ गया और अपने रिश्तेदार शामगढ़ निवासी शुभम को नौकरी लगवाने के लिए उसने एक लाख रुपये दे दिए लेकिन वह नौकरी नहीं लगा। जब रुपये वापस मांगे तो वह अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
सिपाही सतीश कुमार के खिलाफ ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ठगने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच हेडक्वार्टर डीएसपी विरेंद्र सैनी को दी हुई थी। जांच रिपोर्ट में सिपाही सतीश दोषी पाया गया। आरोपी सिपाही के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, जो दो दिन के पुलिस रिमांड पर है।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।