अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नायब तहसीलदार की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में जिस निसिंग खंड के शिक्षा अधिकारी राजीव भुटानी की तलाश की जा रही है, उनके खिलाफ जनवरी माह में एचटेट परीक्षा (हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा) से पहले भी डीसी करनाल को शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में मांग की गई थी कि भुटानी समेत दो अन्य अध्यापकों पर आरोप लगाए गए थे ये परीक्षा के दौरान गड़बड़ी कर सकते हैं इसलिए इनको परीक्षा से दूर रखा जाए। हालांकि, उस समय शिक्षा विभाग की ओर से इनको परीक्षा से दूर रखा गया था।
बता दें कि रविवार को हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से नायब तहसीलदार की परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें करनाल के एसएस इंटरनेशल स्कूल से पेपर लीक हो गया। रेवाड़ी पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया और बताया कि एसएस इंटरनेशनल स्कूल का चपरासी राजकुमार के फोन से पेपर लीक हुआ, जबकि इस मामले में स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर जसबीर सिंह भी शामिल है। राजकुमार के फोन से दो नंबरों पर पेपर को आउट किया गया था, इसके अलावा बीईओ निसिंग राजीव भुटानी का मोबाइल नंबर भी शामिल है। इस मामले का खुलासा होने के बाद से पुलिस जहां भुटानी व जसबीर की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है, वहीं अब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसमें जनवरी माह में हुई एचटेट परीक्षा का मामला है। 6 जनवरी को यह परीक्षा आयोजित हुई थी, लेकिन इससे पहले ही एक व्यक्ति ने डीसी करनाल को लिखित मेें शिकायत देकर भुटानी व दो अन्य अध्यापकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और उनकी परीक्षा से दूर रखने की सलाह दी गई थी। इस पर विभाग ने अमल भी किया और इनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए इनकी कहीं पर भी परीक्षा के दौरान ड्यूटी नहीं लगाई थी।
जनवरी में मिली थी शिकायत, एचटेट परीक्षा से रखा था दूर : डिप्टी डीईओ
इस बारे में डिप्टी डीईओ परमजीत चहल का कहना है कि जनवरी माह में डीसी को किसी ने शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बीईओ निसिंग समेत दो अन्य अध्यापकों को एचटेट परीक्षा से दूर रखा जाए, ताकि ये कोई गड़बड़ी न कर सकें। शिकायतकर्ता का आरोप था कि ये प्रोफेशनल हैं और ये इस प्रकार की हरकत कर सकते हैं। ऐसे में शिकायत के आधार पर जिन-जिन का नाम था, उनको परीक्षा के दौरान कोई ड्यूटी नहीं लगाई गई थी और उनको इस प्रक्रिया से दूर रखा गया था।
परीक्षा में बीईओ की नहीं थी ड्यूटी : डीसी
इस बारे में डीसी विनय प्रताप सिंह का कहना है कि मेरे कार्यकाल के दौरान इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। हां, इस बार निसिंग खंड के बीईओ राजीव भुटानी की कहीं पर भी कोई ड्यूटी नहीं लगाई थी।
छापेमारी जारी : इंस्पेक्टर
इस बारे में एसटीएफ के इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि रेवाड़ी पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहां से मिले संदेश के बाद ही जसबीर सिंह और बीईओ की कार्यप्रणाली पर संदेह है। उनसे पूछताछ के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हम खुद जांच कर रहे हैं : कक्कड़
इस मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल के मालिक संदीप कक्कड़ का कहना है कि स्कूल के चपरासी राजकुमार की भूमिका सामने आई है। स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर जसबीर सिंह फरार चल रहे हैं। जहां तक पेपर खोलने वाले कमरे में सीसीटीवी नहीं होने की बात है तो हमें इसकी जानकारी नहीं है, क्योंकि परीक्षा के दौरान स्कूल मालिक अंदर नहीं जा सकते। हालांकि, नियमानुसार जब पेपर खोले जाते हैं तो बाकायदा उसकी वीडियोग्राफी कराई जाती है और स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से व्यक्ति तैनात रहते हैं। हम खुद अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। अगर जसबीर सिंह का कसूर है तो जरूर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हम पूरी तरह से पुलिस का सहयोग कर रहे हैं, ताकि गलत काम करने वालों को सजा मिल सके। हमारा इस पूरे मामले से कोई लेना देना नहीं है।