अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आईटीआई परिसर में स्टाफ और प्रिंसिपल पर लाठीचार्ज से औद्योगिक प्रशिक्षण तकनीकी कर्मचारी संघ बौखला गया है। संघ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है, साथ ही सीएम के नाम डीसी व एसपी को ज्ञापन सौंपा। इस मामले की जांच एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने एएसपी को सौंपी है। औद्योगिक प्रशिक्षण तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रधान प्रवीण देशवाल ने कहा कि सरकार द्वारा रोडवेज के कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। जिस पर प्रशासन द्वारा भी संज्ञान नहीं लिया गया। जिस कारण संस्थान के छात्र भी शुक्रवार को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे थे। संस्थान के प्रिंसिपल व कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों को समझाया जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने पहले तो छात्रों और कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया। बाद में प्रधानाचार्य के कार्यालय में जाकर उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान प्रिंसिपल व संस्थान के कुछ कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया। प्रिंसिपल कार्यालय की सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को भी पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए, ताकि उनकी वीडियो फुटेज का कोई सबूत ना रहे।
ये रखी मांगें
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में रोडवेज के चालक के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए। लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। जिन पुलिस कर्मचारियों ने लाठीचार्ज किया है, सीसीटीवी फुटेज देखकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि यह कार्रवाई नहीं हुई तो वे कड़ा निर्णय लेने को मजबूर होंगे।