अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सुभाष गेट स्थित कबाड़ी की दुकान के मालिक को उस समय गहरा झटका लगा जब बिजली निगम ने उनकी दुकान का करीब साढ़े 71 लाख रुपये का बिल भेज दिया है। बिल को देखते ही दुकानदार संतलाल के पैर तले की जमीन खिसक गई। जब से यह बिल दुकानदार को मिला है उसकी रात की नींद उड़ गई। दुकानदार संतलाल ने बताया कि उसकी सुभाष गेट के सामने एक छोटी सी कबाड़ी की दुकान है। जिसमें एक छत वाला पंखा और ट्यूब लगी हुई है। लेकिन बिजली निगम की लापरवाही के कारण उसका बिजली का बिल 7164892 रुपये भेज दिया है तो दो महीने का है। उसकी दुकान में ही पांच हजार रुपये का सामान पड़ा है। दुकानदार को कहना है कि उसे पहले हार्ट अटैक नहीं आया है, यदि आता तो आज यह बिल देखकर वह मर ही जाता। बिजली निगम ने यह लापरवाही तो की है लेकिन निगम के अधिकारी इसे ठीक भी नहीं कर रहे हैं। वह रोज नगर निगम में इस बिल को ठीक कराने के लिए जाता है, ताकि वह रात को चेन की नींद सो सके। लेकिन कोई भी कर्मचारी उनकी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। हर रोज कहते हैं कल आ जाना। इस बारे में जब बिजली निगम के एक्सईएन धर्म सुहाग से बात कि तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो उसका बिल चेक करा दिया जाएगा और तुरंत जो उसका असली बिल है वह दे दिया जाएगा।