अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते न केवल यहां पर गलत तरीके से आढ़त की दुकानों में बैंक खोल दिए गए। नियमों के अनुसार, मंडी के अंदर आढ़त की दुकानों में दूसरे कार्य नहीं किये जा सकते लेकिन करनाल मंडी में चार बैंक चल रहे हैं, जबकि दर्जनों अन्य दुकानों पर दूसरे कारोबार किये जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार कमेटी केवल दो बैंकों में अपने खाते खुलवा सकती है लेकिन फिलहाल 14 बैंकों में यहां पर खाते चल रहे हैं जो नियमों के अनुसार नहीं हैं।
कमेटी के सूत्रों के अनुसार, कमेटी अपने पैसों के लेन देन को लेकर दो बैंकों में ही अकाउंट खुलवा सकती है। वो भी इसके राष्ट्रीयकृत बैंक होने चाहिए, लेकिन करनाल कमेटी की ओर से निजी बैंकों में खाते खोले गए हैं। इनमें कुल 14 बैंक हैं, जहां पर कमेटी अपने पैसों का लेनदेन कर रही है और कई में तो एफडी करा रखी है। सूत्रों का दावा है कि ऐसा करने के लिए निजी बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए अधिकारियों के साथ मिली भगत करते हैं।
लोकायुक्त के पास भेजेंगे शिकायत : शर्मा
इस बारे में आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि आढ़त की दुकानों में बैंक खोलने और अन्य कारोबार करने की शिकायत लोकायुक्त के पास करेंगे। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने बताया कि इसी प्रकार से समालखा की अनाज मंडी में भी आढ़त की दुकानों में बैंक खोले गए थे। इसकी शिकायत लोकायुक्त के पास भेजी थी लोकायुक्त के आदेश पर ऐसे आढ़तियों की दुकानें जब्त कर ली गई साथ ही बैंकों को मंडी से बाहर शिफ्ट कराया गया है। साथ ही उन अधिकारियों की जांच चल रही है, जिन्होंने गलत तरीके से मंडी में बैंक खुलवाए थे।
नहीं होने देंगे गलत कार्य : सचिव
इस बारे में करनाल मार्केट कमेटी के सचिव जिले सिंह का कहना है कि वे करनाल कमेटी में नये आए हैं और आते ही गेहूं के सीजन में लग गए थे। अब सभी मामलों को देखा जाएगा और जो भी कुछ गलत होगा उसे ठीक किया जाएगा। कमेटी और मंडी में किसी भी प्रकार का कोई गलत कार्य नहीं होने दिया जाएगा।