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किसके आदेश पर हुई फायरिंग व लाठीचार्ज, जवाब किसी के पास नहीं, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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करनाल। आईटीआई के विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग करने को लेकर अब पेंच फंस गया है। प्रशासन के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि आखिरकार ये आदेश किसने दिए? डीसी विनय प्रताप सिंह का कहना है कि इस मामले में तहसीलदार राजबक्श ड्यूटी मजिस्ट्रेट थे, लेकिन किसके आदेश पर गोली चलाई गई, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में एसडीएम करनाल को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उधर, तहसीलदार राजबक्श का कहना है कि वे मौके पर लेट पहुंचे थे। मैंने गोली चलाने और लाठीचार्ज करने के आदेश नहीं दिए। न ही मैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट था। ऐसे में सवाल ये है कि इस मामले में आखिरकार किसके आदेश पर फायरिंग की गई। जिस प्रकार से प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में बचते नजर आ रहे हैं, उसमें पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर जांच की तलवार लटक गई है।
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मैं बाद में पहुंचा था, निसिंग तहसीलदार थे ड्यूटी मेजिस्ट्रेट : एसडीएम
एक तरफ करनाल में हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि किसी की भी जान जा सकती थी। जीटी रोड पर जाम लग गया था और शहरवासियों की धड़कनें बढ़ गई थीं, लेकिन इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भी भारी लापरवाही सामने आई है। वे इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद देरी से मौके पर पहुंचे। फायरिंग के आदेश को लेकर जब एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, मैं बाद में पहुंचा था, निसिंग तहसीलदार ड्यूटी मजिस्ट्रेट थे।

किसके आदेश पर चलाई गोली, जांच के बाद पता लगेगा : डीसी
इस मामले में जब अमर उजाला ने डीसी विनय प्रताप सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि तहसीलदार करनाल ड्यूटी मजिस्ट्रेट थे। इस मामले में एसडीएम करनाल को मजिस्ट्रेटी जांच के लिए आदेश दिए गए हैं। किसके आदेश पर फायरिंग की गई, ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
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