असंध। बीके सरिता ने कहा कि राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति नकारात्मकता से बाहर निकलकर सकारात्मक जीवन जी सकता है। युवाओं को नशे से दूर करने के लिए समाज को जागरूक करना जरूरी है। नशे में चूर व्यक्ति अपने जीवन के साथ-साथ परिवार को भी खतरे में डाल रहा है। इसलिए जरूरी है कि नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के लिए अध्यात्म और ध्यान से जुड़ना होगा। इसके लिए अभियान को जन आंदोलन का रूप देना जरूरी है। संवाद