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Karnal News: कोर्ट रीडर का बेटा बना जज

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साहिल शर्मा बोले, जज के रूप में मेरी पहली प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना रहेगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। होनहार बेटे साहिल शर्मा ने जज बनकर जिले का गौरव बढ़ाया है। अपनी मेहनत के दम पर वह 23वां रैंक हासिल करने में कामयाब रहे। गत 21 सितंबर को सिविल जज जूनियर डिवीजन के इंटरव्यू में साहिल ने यह मंजिल पाई। साहिल शर्मा इससे पूर्व पहले ही प्रयास में एडीए के पद के लिए एचपीएससी की परीक्षा दे चुके हैं। फिलहाल बतौर सहायक जिला न्यायवादी (एडीए) पानीपत में सेवाएं दे रहे हैं।
पिता संजय शर्मा कोर्ट में रीडर हैं। साहिल ने बताया कि करनाल के निर्मल पब्लिक स्कूल से नॉन मेडिकल से 12वीं पास करने के बाद पिता से प्रेरित होकर ही वह इस लाइन में आए। बड़ी बहन सुकृति शर्मा भी उनकी प्रेरणा बनीं। शुरूआत से ही पढ़ाई में अव्वल बड़ी बहन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की राह दिखाई। साहिल शर्मा के सपनों को साकार करने के लिए परिजनों ने पूरा साथ दिया।
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मूल रूप से घरौंडा निवासी साहिल शर्मा ने करनाल के निर्मल पब्लिक स्कूल से नॉन मेडिकल को 12वीं पास करने के बाद इस दिशा में आगे बढ़े। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने की ठानी। केयू से 2015 से 2020 तक बीए, एलएलबी (ऑनर्स) की। 2020 से 2022 तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ही एलएलएम की डिग्री हासिल कर अपनी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाए।
अपने कॅरिअर की शुरूआत वकील के रूप में की। इसके बाद एडीए बनकर परिजनों का नाम रोशन किया। साहिल शर्मा ने बताया कि वह 2020 से ही तैयारियों में जुटे थे। वर्ष 2022 में हरियाणा और राजस्थान की प्रारंभिक परीक्षा पास कर मैन्स की परीक्षा तक पहुंचे। 2023 में यूपी ज्यूडिसरी में भी इंटरव्यू दिया। यही नहीं उत्तराखंड में जज बनने के लिए मेन्स के एग्जाम तक पहुंचे।
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पिता से मिली प्रेरणा

साहिल शर्मा की प्रेरणा बने पिता संजय शर्मा भी इसी पेशे से जुड़े हैं। वह पहले एसडीएमजेएम इंद्री के रीडर के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। अब करनाल कोेर्ट में हैं। सिविल जज जूनियर डिवीजन साहिल शर्मा की मां सुमन शर्मा पेशे से अध्यापिका हैं। परिवार में बड़ी बहन सुकृति है। साहिल के जज बनने के बाद पिता, मां व बहन की खुशी का ठिकाना नहीं है। साहिल शर्मा ने कहा कि जज के अच्छे निर्णय समाज को प्रभावित करते हैं। जज के रूप में मेरी पहली प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना रहेगी।
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