- छत्तीसगढ़ के दंपती ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का संयुक्त सचिव बताकर की थी धोखाधड़ी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। यूपीएससी (लोक सेवा आयोग) में नौकरी लगवाने के नाम पर 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने दो लाख रुपये नकदी बरामद किए हैं। आरोपी ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का संयुक्त सचिव बताकर वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पीड़ित से दिल्ली में मुलाकात के समय पत्नी को सहकर्मी बताया था। अब पत्नी के पास से ही दो लाख रुपये बरामद हुए।
थाना बुटाना की टीम ने आरोपी देवेंद्र प्रताप सिंह वासी नेहरू नगर पश्चिम छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके सात दिन का रिमांड हासिल किया था। मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने आरोपी देवेंद्र प्रताप की निशानदेही पर मामले में संलिप्त महिला नीलम पत्नी देवेंद्र प्रताप को जांच में शामिल किया और दो लाख रुपये बरामद किए।
पुलिस के अनुसार बुटाना थाना में अनेजा वासी नीलोखेड़ी ने शिकायत दी थी कि वह प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता है। फरवरी 2022 में देवेंद्र प्रताप के नाम के व्यक्ति की व्हाट्सएप काल आई। जिसने बताया कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय से संयुक्त सचिव बोल रहा है। जिसकी सभी जगह जान पहचान है। इसी तरह उसने उनके बारे में भी पूरी जानकारी ली। दो दिन बाद फिर उनके पास काॅल आई और आरोपी बोला कि वह उसे यूपीएससी में अच्छी नौकरी दिला सकता है।
दिल्ली के फाइव स्टार होटल में बुलाया
आरोपी ने नौकरी की पूरी बात करने के लिए पीड़ित अनेजा को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में बुलाया। जहां आरोपी देवेंद्र और उसके सहकर्मी के रूप में नीलम, आदित्य और पूजा मिले। सभी ने योजना अनुसार शिकायतकर्ता को 40 लाख रुपये में यूपीएससी में नौकरी दिलाने का सौदा किया। पीड़ित आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों और नगद राशि सहित मार्च 2023 तक 33 लाख रुपये दे चुका था, लेकिन दिया गया समय बीत जाने के बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता की नियुक्ति नहीं करवाई और उनसे बात करना बंद कर दी। रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी।
ओंकार सिंह, संवाद।
ओंकार सिंह, संवाद।
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